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रतनपुर में गाय पर हमला करने वाले युवक गिरफ्तार, रानीवाडा उपखंड की ताजा खबरों के आपका स्वागत।।

Wednesday, 25 August 2010

मेल नर्स लगाने की मांग

रानीवाड़ा!
निकटवर्ती धानोल के लोगों ने कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर गांव में मौसमी बीमारियों को देखते हुए मेल नर्स लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि सात हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत में वर्तमान में सिर्फ एएनएम कार्यरत है। मजबूरन मरीजों को इलाज के लिए गुजरात की ओर जाना पड़ता है। गांव में मेल नर्स होने पर सभी बीमारियों का इलाज यहीं पर हो सकेगा।

ग्रामसेवकों व सरपंचों का धरना आज से

रानीवाड़ा
पंचायत समिति कार्यालय के सामने बुधवार को ग्रामसेवक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। जिलामंत्री भाणाराम बोहरा ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार समिति के समस्त ग्रामसेवक सामूहिक उपार्जित अवकाश लेकर ग्यारह सूत्री मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। परिणामस्वरूप समिति क्षेत्र में नरेगा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी तरह सरपंच संघ के तहसील अध्यक्ष गणेशाराम देवासी ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बताया कि २६ अगस्त को ग्रामसभा के दौरान होने वाले सामाजिक अंकेक्षण का समस्त सरपंच बहिष्कार करेंगे। उन्होंने बताया कि सरपंचों की काफी मांगें सरकार के द्वारा विचाराधीन चल रही हंै।

Sunday, 22 August 2010

खरपतवार के खिलाफ मित्र बैल


रानीवाड़ा
क्षेत्र में खरीफ की फसल में खरपतवारों की रोकथाम को लेकर किसानों ने परम्परागत तरीके अपनाने शुरू कर दिए है। इस वर्ष अच्छी बरसात होने से किसानों के खेत सोना उगल रहे है, परंतु फसल में खरपतवार की अधिकता के चलते भूमि में पोषक तत्वों की कमी होने की संभावना जताई जा रही है। इन दिनों गांव-गांव ढाणी-ढाणीं में किसान अपने खेतों में खरपतवार की रोकथाम के कई तरीके प्रयोग में लेते दिखाई दे रहे हंै। 
जानकारी के मुताबिक, फसलों के पौधे अपनी प्रारंभिक अवस्था में खरपतवारों से मुकाबला नही कर पाते हैं। किसान खरपतवारों को तब तक बढऩे देते ह़ै जब तक की वह हाथ से पकड़कर उखाडऩे योग्य नहीं हो जाए, लेकिन उस समय तक खतपतवार फसलों को काफी नुकसान कर चुकी होती है। ऐसे में किसान इस खरपतवार को निकालने के लिए कई पारंपरिक और रोचक तरीके अपनाते हैं। इनमें से ही एक है बैलों की मदद से इसे निकालना।खेतों में खड़ी फसल को बैल नुकसान नही पहुंचाए व सीधी लाईन में चाल बनी रहे। उसके लिए किसान बैलों के मुंह पर खरणीया या खीपड़ा का पौधा बांध देते है, जिससे बैल सही दिशा में सही समय पर चलता रहता है। वह किसान के दिए गए निर्देशों की पालना करता है। यह तरीका परम्परागत रूप से कई वर्षों से क्षेत्र में प्रचलित है।

क्या है तरीके : किसान फसलों में खरपतवार की रोकथाम को लेकर कई तरीके अपनाते है। जिसमें मुख्यत: हाथ से निराई गुड़ाई है। इस तरीके के तहत बुवाई के 15 से ४५ दिनों के मध्य खुरपी से खरपतवार को निकाला जाता है। बैलों द्वारा गहरी जुताई करने से भी खरपतवार पर रोकथाम लगती है। हाथ से चलने वाले गुड़ाई यंत्र से भी खरपतवार को काफी सीमा तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा रसायनों के प्रयोग से भी खरपतवार को समाप्त किया जा सकता है।

इनका कहना

खरपतवार की रोकथाम में परम्परागत तरीके किसानों के लिए अभी भी लाभदायी है। थोड़ी मेहनत की जरूरत पड़ती है, परंतु परिणाम किसान के पक्ष में रहता है।

- गोदाराम देवासी, किसान एवं सरपंच, रानीवाड़ा

खरपतवार की रोकथाम को लेकर किसानों को समय-समय पर विभाग द्वारा जानकारी दी जाती है। इस बार भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खरपतवार की रोकथाम को लेकर रसायनिक दवाओं की जानकारी दे दी गई है। 

-कन्हैयालाल विश्रोई, सहायक कृषि अधिकारी, रानीवाड़ा

हाड़ेचा. कस्बे सहित आस-पास के इलाकों में इस बार अच्छी बारिश के बाद किसानों ने बंपर बुवाई की है। खरीफ की अच्छी फसल होने के कारण किसानों ने अपनी अलग-अलग तकनीकों द्वारा खेतो में खरपतवार शुरू कर दी है। इसको लेकर किसान अपने खेतो में बैल, ऊंट एवं टै्रक्टरों से बाजरे की फसल में खरपतवार करने में जुट गए हैं।

नुकसान

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार खरपतवार से 25 से 70 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है। इनके द्वारा भूमि की उर्वरा शक्ति को प्रभावित किया जाता है। भूमि में उर्वरक, नाईट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश की मात्रा घटने से फसलें प्रभावित होती हैं। इन दिनों खेतों में निराई गुडाई का काम भी जोरो पर हंै। किसान द्वारा सही समय पर खरपतवार नही निकालने पर काफी नुकसान होने की संभावना होती है।

नजर आने लगे कपड़े के थैले

रानीवाड़ा 
प्रदेश में पॉलीथिन कैरी बैग पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब कई उपभोक्ताओं ने कपड़े के थैले लेकर बाजार जाना शुरू कर दिया है। रानीवाड़ा क्षेत्र की दुकानों पर कागज की थैलियां भी मिलनी शुरू हो गई है। कुछ कपड़ों के व्यापारियों ने भी अपनी ओर से बनवाए गए थैले देना शुरू किया है।इनके अलावा कस्बे के कई व्यवसायियों ने गत्ते, मोटे कागज व अन्य सस्ते थैलों के लिए आर्डर किया हुआ है। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ता व व्यवसायी सेल्युलोज से निर्मित थैले, कागज के थैले, केनवास बैग, जुट बैग अथवा कॉयर मेटेरियल से बने थैले व कपड़े के थैलों आदि को कैरी बैग के विकल्प के रूप में उपयोग में ले सकते हंै।

हो रहा इस्तेमाल : एक अगस्त से पॉलीथिन कैरी बैग पर सख्ती के प्रतिबंध लगाए जाने से अधिकांश व्यवसायियों के पास पूर्व से खरीदे हुए पॉलीथिन कैरी बैग रखे हुए है। ऐसे कुछ दुकानदारों का कहना है कि जितने कैरी बैग रखे हुए है उनको तो निकालेंगे ही सही। वही आज भी कई जगहों पर प्लास्टिक कैरी बैग का धडल्लें से इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है।

ग्रामसेवकों के समर्थन में आए सरपंच

रानीवाड़ा. 
पंचायत समिति के तहत समस्त ग्रामसेवकों के सामूहिक उपार्जित अवकाश पर चले जाने व नरेगा कार्यों का बहिष्कार करने के निर्णय में सरपंच संघ ने भी सहमति जताई है। राजस्थान सरपंच संघ उपशाखा रानीवाड़ा के अध्यक्ष गणेशाराम देवासी ने बताया कि ग्रामसेवकों की मांगों को जब तक राज्य सरकार नहीं मान लेती तब तक सरपंच भी उनके साथ पंचायतीराज कार्यों का बहिष्कार करेंगे। उपाध्यक्ष बलवंत पुरोहित व झमका कंवर ने भी सरकार की हठधर्मिता की आलोचना कर अतिशीघ्र ग्रामसेवकों की मांगों को मानने की बात कही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न मांगों को लेकर 25 अगस्त से पंचायत समिति कार्यालय के सामने धरना शुरू किया जाएगा। इधर, पंचायत समिति क्षेत्र की समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम सेवकों के सामूहिक उपार्जित अवकाश पर चले जाने से पंचायतों में सभी कार्य ठप हो गए है। लोगों को रोजाना के कार्य करवाने में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब सरपंचों ने भी ग्रामसेवकों की मांगों में सहमति जता देने से समस्याएं बढ़ती जा रही है।

Friday, 20 August 2010

पांच डायरेक्टर निर्विरोध निर्वाचित

रानीवाड़ा
जालोर-सिरोही जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. द्वारा संचालित जसमूल डेयरी में चल रही चुनावी प्रक्रिया के तहत गुरुवार को कई उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र वापस लेकर चुनावी तस्वीर को स्पष्ट कर दिया है। निर्वाचन अधिकारी सोहनलाल लखानी ने बताया कि बुधवार शाम तक 11 निदेशक पद के चुनाव को लेकर २५ नामांकन पत्र दाखिल हुए। नामांकन के अंतिम दिन वार्ड संख्या 1 से जोगसिंह बालोत, वार्ड संख्या 3 से केसाराम विश्रोइ, वार्ड संख्या 5 से मुकनाराम चौधरी, वार्ड संख्या 6 से रणजीतसिंह देवड़ा व पिछड़ा वर्ग से वगताराम देवासी पाल निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। 

इस तरह कुल ५ प्रत्याक्षी निर्विरोध निर्वाचित हुए हंै। उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 2 में जलालखां व ईश्वरसिंह, वार्ड संख्या 4 में जेठाराम व तगसिंह, वार्ड संख्या 7 से महेंद्रसिंह व करणसिंह, महिला आरक्षित वार्ड में नैनुदेवी रूपावटी व ऐलसीदेवी, अनुसूचित जाति आरक्षित वार्ड से लखमाराम व समंदरदेवी एवं अनुसूचित जनजाति आरक्षित वार्ड से जुआराराम व शंकरलाल चुनावी मैदान में है। निदेशक पद के लिए २६ अगस्त को चुनाव करवाए जाएंगे तथा चेयरमैन पद का चुनाव २७ अगस्त को होगा।

मजदूरी से वंचित

रानीवाड़ा !
धानोल गांव में महानरेगा के श्रमिकों को दो माह से मजदूरी का भुगतान नहीं होने से उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर अतिशीघ्र मजदूरी दिलाने की मांग की है। कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष बगदाराम घांची ने बताया कि ग्राम पंचायत के खाते में श्रमिकों की मजदूरी जमा होने के उपरांत श्रमिकों को पंचायत की निष्क्रियता के चलते समय पर मजदूरी का भूगतान नही हो रहा है। जिससे मजदूरों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

Thursday, 19 August 2010

जसमूल डेयरी में चुनावी चहल पहल

रानीवाड़ा
जसमूल डेयरी में अध्यक्ष व निदेशक पद के लिए नाम निर्वाचन प्रक्रिया बुधवार को शुरू हुई। नाम निर्देशन पत्रों की जांच के बाद २५ उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया गया है। नाम वापसी गुरुवार को होगी। चुनाव में कई दिग्गज महारथी चेयरमैन बनने की जुगाड़ में लगे हुए है। इस बीच पूर्व चेयरमैन जोगसिंह बालोत डायरेक्टर पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हंै।

राजस्थान राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जालोर सिरोही जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा संचालित जसमूल डेयरी के संचालक मंडल एवं उनके पदाधिकारियों के निर्वाचन के लिए निर्वाचन अधिकारी सोहनलाल लखानी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के तहत दोपहर 12 बजे तक नामांकन जमा किए गए। इसके बाद प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों की जांच की गई जिसमें २५ नाम निर्देशन पत्र सही पाए गए।

उन्होंने बताया कि नाम वापसी गुरूवार दोपहर 2 बजे तक हो सकेगी। इसके बाद चुनाव में भाग लेेने वाले उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन शाम 5 बजे तक कर दिया जाएगा। अगर आवश्यक हुआ तो मतदान 26 अगस्त को सवेरे 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना कर निर्वाचित संचालक मंडल पदाधिकारियों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे। निर्वाचित संचालक मंडल सदस्यों द्वारा डेयरी के अध्यक्ष का निर्वाचन 27 अगस्त को किया जाएगा।

महारथियों का भविष्य दांव पर : जसमूल डेयरी जालोर-सिरोही जिले में कार्यरत है। डेयरी के इस बार के चुनावों में कई दिग्गज अपना भाग्य आजमा रहे हैं। पूर्व चैयरमेन जोगसिंह बालोत डायरेक्टर पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हंै। अब उनकी नजर अध्यक्ष पद पर है। इधर, पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह देवड़ा के भाई रणजीतसिंह भी वार्ड संख्या ६ से उम्मीदवारी दर्ज कराकर बालोत के समीकरण गडबड़ा दिए है। कई बार डायरेक्टर रह चुके वगताराम पाल भी अध्यक्ष पद के लिए चुनौती दे रहे हैं। सिरोही जिले से महेंद्रसिंह राड़बर भी चैयरमेन की दौड़ में शामिल हैं।


चार दशक पुरानी है डेयरी

सन् १९७० में पंजाबी उद्योगपति सिक्का द्वारा स्थापित एवं जोधपुर के पूर्व महाराजा गजसिंह द्वारा उद्घाटित इस डेयरी का प्रारम्भिक दौर सघर्ष में गुजरा। कुछ समय तक टाटा ग्रुप ने भी संभाला, बाद में १९७५ में सरकार ने इसको अधिग्रहित कर जसमूल संघ बनाया। डेयरी से जालोर सिरोही जिलों के लाखों दुग्ध उत्पादक सीधे रूप से जुडे हुए हैं। वर्तमान में चार सौ से ज्यादा समितियां पंजिकृत हंै। रानीवाड़ा डेयरी का घी दक्षिण भारत के प्रवासी लोगों में लोकप्रिय माना जाता है। कभी देश में प्रथम स्थान पर रहने वाले इस संस्थान के बारे में आरएएस परीक्षा में भी सवाल पूछे जाते हैं। इस समय यहां से ३५ हजार लीटर दूध का संग्रहण कर २५ हजार लीटर दूध विभिन्न शहरों में वितरित किया जा रहा है।

-जसमूल डेयरी में चुनाव पारदर्शिता से शांतिपूर्वक करवाए जा रहे हंै। निर्देशन पत्रों की जांच के बाद नाम वापसी गुरूवार को होगी। आवश्यक हुआ तो चुनाव करवाऐंगे।

- एम.एल. गरवा, प्रबंध संचालक जसमूल डेयरी

Wednesday, 18 August 2010

गांवों में मलेरिया की आशंका

रानीवाड़ा
कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह हुई भारी बारिश के कारण अब क्षेत्र में मलेरिया फैलने की आशंका बढ़ गई है। क्षेत्र में जब-जब भी भारी बारिश हुई है, तब-तब मलेरिया ने अपने पांव पसारे हैं। इस वर्ष भी क्षेत्र के सभी गांवों में भारी बारिश होने से जगह-जगह पानी जमा पड़ा है। कस्बे में मिस्त्री कॉलोनी में सर्वाधिक दूषित पानी का भराव हुआ है। इसके अलावा सरकारी अस्पताल, सांचौर रोड़, मेघवालों का वास, भील कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, आखरिया क्षेत्र एवं कस्बे के आसपास स्थित कई बड़े तालाबों, खड़ीनों व खेतों में लम्बे चौड़े भू-भाग में पानी भरा हुआ पड़ा है। ऐसे में इन जगहों पर मलेरिया के मच्छर पनपने की प्रबल आशंका है।

संवेदनशील क्षेत्र

मलेरिया को लेकर यदि गत वर्षो की स्थिति पर नजर डालें तो क्षेत्र के ऐसे कई गांव हैं, जिसके आसपास क्षेत्र मे लम्बे चौड़े भू-भाग पर पानी का भराव स्थल है। उन गांवों में सर्वाधिक मलेरिया के रोगी पाए गए हैं। सूरजवाड़ा, रोड़ा, डूंगरी, कैर, धूलिया ग्राम पंचायतों के गांवों मे मलेरिया का सर्वाधिक प्रकोप देखने को मिला था। ये क्षेत्र मलेरिया के लिहाज से अतिसंवेदनशील क्षेत्र माने जाते हंै, लेकिन इन गांवों में कहीं पर भी मलेरिया के बचाव नियंत्रण को लेकर अब तक कोई पहल चिकित्सा विभाग की ओर से शुरू नहीं की गई है। रानीवाड़ा सरपंच गोदाराम देवासी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन को ज्ञापन प्रेषित कर क्षेत्र में डीडीटी छिड़काव करने, पानी भराव स्थल में टेमोफोस व अन्य कीट नाशक दवाईयां डालकर मलेरिया को फैलने से रोकने के उपाय करने की मांग की है। इस बीच ब्लॉक सीएमओ डॉ.चौहान ने बताया कि डीडीटी का छिड़काव पर्याप्त मात्रा में करवा दिया गया है।

शिक्षकों के रिक्त पद को लेकर दिया ज्ञापन

रानीवाड़ा
निकटवर्ती सिलासन के रामावि में शिक्षक की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। 
समाजसेवी उकसिंह परमार ने बताया कि नव क्रमोन्नत रामावि में वर्तमान में 3 अध्यापक कार्यरत हंैं, जिसमें दसवीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हंै। लगभग 300 से ज्यादा छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हंै। मात्र 3 शिक्षक होने की वजह से शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। इसमें से एक शिक्षक को तो भारत साक्षरता कार्यक्रम में लगा रखा है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में लग रहा है। ग्रामीणों ने अतिशीघ्र शिक्षकों के रिक्त पद भरने का निवेदन किया है। इस अवसर पर वरदाराम माली, बगदाराम, हीरसिंह, सादूलाराम, नागजी, भोमाराम भील, कांतिलाल, सांवलाराम संत, शंकराराम, सोनाजी, करणाराम लुहार, मूलाजी मेघवाल, मानसिंह सहित कई जने उपस्थित थे।

शिक्षक संघ की बैठक कल

रानीवाड़ा! राजस्थान प्रगतिशील शिक्षक संघ उपशाखा रानीवाड़ा की बैठक गुरुवार को ब्लॉक अध्यक्ष रघुनाथ जांगु की देख-रेख में कस्बे की राउप्रावि में होगी। ब्लॉक मंत्री ओखाराम देवासी ने बताया कि 30 अप्रेल को संघ के प्रतिनिधियों के साथ बीईईओ की हुई समझौता वार्ता के दौरान हुई वार्ता में संवादहिनता व लंबित कार्यों के प्रति उदासीनता को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष महादेवाराम देवासी, प्रदेश संयुक्त मंत्री भागीरथ करवाड़सरा, जिलाध्यक्ष पूनमाराम सारण, जिला मंत्री लखमाराम चौधरी, वरिष्ठ शिक्षक नैता जोगाराम सुथार समेत कई जने भाग लेंगे।

३४ अतिरिक्त कक्षा-कक्षों की स्वीकृति जारी

रानीवाड़ा! सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा-कक्षों के निर्माण की स्वीकृतियां जारी हुई हैं। बीआरपी भंवरसिंह राव ने बताया कि विधायक रतन देवासी की अनुशंषा एवं सर्व शिक्षा की ब्लॉक शिक्षा समिति की अध्यक्षा राधादेवी के अनुमोदन से क्षेत्र में ३४ अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण की स्वीकृति जारी हुई है। प्रतिकक्ष पर २.३० लाख खर्च किए जाएंगेे। इसके अलावा 60 हजार रूपए की लागत से चार वर्षा संग्रहण टांके बनाए जाएंगे। केजीबी में पेयजल की व्यवस्था को लेकर एक लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

ढीले पड़े मानसून के तेवर

रानीवाड़ा ! उपखंड में कुछ समय से सक्रिय मानूसन के तेवर ढीले पडऩे लगे हंै। अब तक उपखंड के विभिन्न ग्रामीणांचलों में सक्रिय मानसून मंगलवार को एकदम कमजोर पड़ गया। क्षेत्र में भी दिन भर उमस रहने से गर्मी का असर अधिक नजर आया। उमस के कारण लोगों के पसीने छूटते रहे। क्षेत्र में सुबह के समय मौसम साफ रहने के साथ ही तेज धूप खिली और उमस के कारण गर्मी का असर बढ़ गया। सुणतरनगरी में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया। पूरे दिन उमस रहने से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं। दोपहर के समय तीखी धूप लोगों को चुभने लगी और गर्मी का असर अधिक नजर आया। जिले में सर्वाधिक बरसात रानीवाड़ा में ही ९०४ मिमी रिकॉर्ड की गई है। किसानों ने खरपतवार निकालनी शुरू कर दी है।

Saturday, 14 August 2010

पक्के निर्माण स्थगित करने का लिया प्रस्ताव

रानीवाड़ा
बीएसआर दरों में संशोधन को लेकर गुरुवार को पंचायत समिति के सरपंचों व ग्रामसेवकों की बैठक जलारामधाम में गणेशाराम देवासी की अध्यक्षता में हुई। संघ के जिला मंत्री भाणाराम श्रीमाली ने बताया कि ग्रामीण कार्य निर्देशिक २००७ की दर से जिले में समस्त कार्यों का तकमीना तैयार करवाया जा रहा है, जबकि वर्तमान में बढ़ती महंगाई के चलते ग्राम पंचायत निर्माण कार्य पुरानी दरों से करवाने में असक्षम है। ग्रामसेवक अनिलकुमार ने प्रस्ताव पेश कर बताया कि रानीवाड़ा पंचायत समिति में सर्वाधिक बरसात होने से नरेगा के तहत निर्मित ग्रेवल सड़के, एनीकट व बांध क्षतिग्रस्त हुए हंै। उनके मरम्मत को लेकर अतिरिक्त बजट आवंटन करने की मांग उठाई गई। सिलासन सरपंच झमका कंवर ने नए राशन कार्ड बनवाने को लेकर राज्य सरकार पत्र लिखने का प्रस्ताव पेश किया। सेवाड़ा सरपंच हिम्मतसिंह सोलंकी ने बीपीएल सर्वे को पुन: करवाने की बात कही। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुए बीपीएल सर्वें में कई पात्र व्यक्ति वंचित रहे हंै। बडग़ांव सरपंच बाबूराम चौधरी ने बीएसआर दरों में संशोधन नही होने तक पक्के निर्माण कार्य बंद करने का प्रस्ताव बैठक में रखा। जिसका ध्वनिमत से सभी सरपंचों व ग्रामसेवकों ने समर्थन किया। बैठक में सरपंच व ग्रामसेवकों की संयुक्त बैठक निर्धारित तिथि पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। रानीवाड़ा सरंपच गोदाराम देवासी ने निर्माण सामग्री की दूरी के हिसाब से ही कार्य का तकमीना ...शेष पेज 13 पर

बनाया जाने की बात कही, क्योंकि सामग्री की उपलब्धता दूरी अनुसार तय होने पर ग्राम पंचायत में आपूर्ति को लेकर समस्याओं का समाधान स्वत: ही जाएगा। ग्राम पंचायतों व पंचायत समिति स्तर पर समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन से वार्तालाप करने को लेकर एक बारह सदस्य की कोर कमेटी का गठन किया गया। जिसमें गोदाराम देवासीं, गणेशाराम देवासी, हिम्मतसिंह सोलंकी, बाबूराम चौधरी, बलवंत पुरोहित, भूराराम मेघवाल, भाणाराम ग्रामसेवक, ओमप्रकाश माली, ललीत कुमार दवे, किशनलाल प्रजापत, मांगाराम देवासी व रेवाराम भील को सम्मलित किया गया है। बाद में स्नेह मिलन समारोह को लेकर १६ अगस्त खोडेश्वर महादेव मंदिर में कार्यक्रम रखने को लेकर सहमति हुई।

आवंटन रद्द करने की मांग

रानीवाड़ा ! मालवाड़ा चार रास्ते के पास की पड़त जमीन को कलेक्टर द्वारा खेल विभाग के नाम आवंटित करने का विरोध शुरू हो गया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य किरणकुमार माली के नेतृत्व में कई गांव के लोगों ने इस आवंटन को रद्द करवाने को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया है। माली ने बताया कि फतापुरा, दौलपुरा, आखराड़, वाड़ा, कोटड़ा, डेरडी, तेजावास सहित कई गांवों के मवेशी इस भूमि पर चरते हंै। भूमि का आंवटन हो जाने से पशु पालकों के सामने चारे का संकट हो जाएगा। इस अवसर पर दीपाराम, लीलाराम, जैसाराम, जोईताराम सुथार, राणाराम माली, मसराराम गहलोत, भोमाराम हिरागर, त्रिकमगिरी गोस्वामी समेत कई लोग उपस्थित थे।

Wednesday, 11 August 2010

सिंचाई विभाग ने चेकला बांध का तकमीना बनाया

रानीवाड़ा।
गत सप्ताह विधानसभा क्षेत्र के चेकला बांध का अतिवृष्ट्रि से हुए नुकसान का आंकलन लेने के लिए आज विधायक रतन देवासी के साथ सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सहित वन विभाग के जिला उपवन सरंक्षक मौके पर पहुंचे। निरीक्षण की टीम ने बांध के चारों तरफ अवलोकन कर बांध को पूर्णतया मरम्मत कर पानी के सरंक्षण को लेकर तकमीना बनाया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मेघराज ने बताया कि चेकला बांध की मरम्मत को लेकर ४.७७ लाख का तकमीना बनाकर विभाग के अधिशाषी अभीयंता जालोर को भेज दिया गया है। जिला कलेक्टर इस कार्य को स्वीकृत कर अतिशीघ्र कार्य शुरू करने का आदेश देंगे। अधिशाषी अभियंता राजकुमार चौधरी ने बताया कि चेकला बांध के मरम्मत का कार्य को लेकर बनाया गया तकमीना जिला कलेक्टर को प्रेषित कर दिया गया है। अतिशीघ्र स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू किया जाएगा।
गौरतलब यह है कि इस बांध के क्षतिग्रस्त होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के किसान रबी की फसल से वंचित रहेंगे। बांध में पानी के भण्ड़ारण ने कृषि कुंए पानी से लबालब भरे रहते है। अब ऐसी स्थिति नही रहने से किसान चिंतित नजर आ रहे है।
इस अवसर पर निरीक्षण के दौरान प्रधान दीपाराम भील, उपप्रधान दरगाराम देवासी, सहायक अभियंता रमेश शर्मा, डीएफओ आर.एन. मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

खोडेश्वर पर पहुंचे पर्यटक




 रानीवाड़ा
सावन में रिमझिम-रिमझिम फुहारों के बीच चारों ओर हरीतिमा से आच्छादित पहाडिय़ों पर इन दिनों पर्यटर आने लगे हैं। रविवार को छुट्टि का दिन होने से क्षेत्र के पहाड़ों और झरनों पर लोगों की अच्छी भीड़ उमड़ी।

पर्यटकों की यह जोरदार आवजाही सुंधांचल के खोडेश्वर महादेव तीर्थ पर देखी गई। जहां दिन भर मेला सा लगा रहा। इतना ही नहीं यहां प्रकृति को नजदीक से देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी पहुंचे। इस मंदिर के चारों और पहाड़ों पर इन दिनों प्राकृतिक छटा की जितनी तारीफ करें उतनी कम है। कई नयनाभिराम झरने बारिश की फुहारों के साथ ही परवान चढऩे लगे हंै। 

जाविया ब्लाक के लगायत सुंधा पर्वत के झरने तक सभी जीवंत हो उठे है। इकोप्वाइंट से खोडेश्वर घाटी का विहंगम नजारा और बादलों की ओट में छुपे पहाड़ों को देखना बेहद नयनाभिराम है। ये सभी स्थल घने वृक्षों से 
घिरे है और जंगल में है। पर्वतीय घाट की चट्टानों से सर्पीले आकार में बहते पानी से निकलने वाली संगीतमय ध्वनि तो अच्छी लगती ही है साथ ही दृश्य भी मनोरम हो चला है। सुंधामाताजी के झरने की तरह खोडेश्वर घाट का जल प्रपात दूर से ही आकर्षित करने लगा है।

चारों ओर खुशनुमा माहौल

रिमझिम फुहारों का मनभावन मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे खुशनुमा माहौल में ऐसा कौन शख्स होगा जो अपने घर में कैद होकर बैठना चाहेगा। बारिश की झड़ी जहां हर व्यक्ति को पानी में भीगने का आनंद लेने के लिए उकसा रही है, वहीं मन-मयूर भी प्रकृति के निकट पहुंचकर उसकी सुंदर छटा में खो जाने को अधीर व लालायित है। भीगे मौसम में जब प्रकृति ने हरियाली की मोहक चूनर ओढ़ ली है तब आसपास के प्राकृतिक, धार्मिक और पुरा-महत्व के रमणीय स्थल सैर-सपाटे की दावत देकर अपनी तरफ आकर्षित कर रहे है।

बैठक कल

 रानीवाड़ा
पंचायतीराज विभाग के तहत विभिन्न योजनाओं द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्यों की बीएसआर दर में संशोधित कराने की मांग को लेकर 12 अगस्त को पंचायत समिति के समस्त सरपंच व ग्रामसेवकों की बैठक का आयोजन जलाराम धाम में रखा गया है। ग्रामसेवक संघ के सचिव मांगाराम देवासी ने बताया कि जालोर जिले के अलावा अन्य जिलों में बीएसआर दरों में सरकार ने बदलाव कर सरपंचों को राहत प्रदान की है, परंतु जिले में अभी तक 4 साल पुरानी बीएसआर दरंे लागू हैं।

बिजली गिरने से भैंस की मौत

रानीवाड़ा!
निकटवर्ती धानोल में मंगलवार दोपहर एक कृषि कुएं पर बिजली गिरने से एक भैंस की मौत हो गई। बगदाराम घांची ने बताया कि दोपहर 12 बजे बारिश के साथ अचानक मफाराम हिंदूजी कलबी के खेत पर बिजली गिर पड़ी। इससे उसकी भैंस की मौत हो गई।

युवा कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाया

रानीवाड़ा !कस्बे के ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में सोमवार शाम को युवक कांग्रेस का स्थापना दिवस विधायक रतन देवासी की अध्यक्षता में मनाया गया। इस मौके पर देवासी ने संगठन के बारे में बताया। कार्यक्रम को महासचिव गंगाराम खींचड, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष परसराम ढाका ने भी संबोधित किया। बैठक में युवा अध्यक्ष कृष्णकुमार पुरोहित, भूराराम, बलदेव राणा, देवाराम विश्नोई, हरचंद, लाखाराम मेघवाल, करमीराम, ईश्वरसिंह, अंबालाल चितारा सहित कई लोग उपस्थित थे।