रानीवाड़ा
गांवों में आमजन की समस्या दूर करने और विकास कार्योंे के उद्देश्य से चल रहा रात्रि चौपाल का आयोजन जिले में औपचारिक बन गया है। गुरुवार रात को तहसील के डूंगरी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर से लेकर उनके मातहत अधिकारी और कर्मचारी तक औपचारिकताएं बरतते नजर आए। आनन फानन में आए इन अधिकारियों ने मात्र पौने दो घंटे में रात्रि चौपाल पूरी कर दी। इस बीच यहां पहुंचे कलेक्टर केवल कुमार गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकारी की इच्छानुसार यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और किसी भी हालत में इसे औपचारिक ना बनाएं और समस्याओं का हाथोहाथ समाधान करें।
मंच खचाखच, लोग नदारद : राजकीय माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस चौपाल में मंच पर तहसील स्तरीय अधिकारियों की तादात ज्यादा रही, जबकि नीचे जाजम पर मात्र ५०-60 लोग ही उपस्थित थे। ग्रामीणों ने बताया कि प्रचार-प्रसार कम होने की वजह एवं ग्रामीण अधिकतर ढाणियों में रहवास करने से संख्या कम रही। चौपाल में नाम मात्र की समस्याएं ही लोगों ने उठाई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी देकर खानापूर्ति की। मात्र उपजिला प्रमुख मूलाराम राणा ने ही एक-दो योजनाओं के बारे में जानकारी चाही। बाद में विधायक रतन देवासी ने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। विधायक देवासी ने गांव में शीघ्र ही जीएसएस स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया। क्षेत्र में ३ जीएसएस बन चुके हंै, पांच स्वीकृत होने जा रहे हैं। मुख्यालय पर मॉडल स्कूल बनने जा रहा है। डूंगरी में बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय स्वीकृत हो चुका है। देवासी ने कहा प्रशासन से मांग की कि चौपाल में देर रात्रि तक प्राप्त समस्याओं का त्वरित समाधान कराएं तथा भविष्य के लिए ऐसे प्रस्ताव बनाएं कि नरेगा, चिकित्सा, पानी, बिजली जैसी समस्याओं का सहजता से निराकरण हो सके। उन्होनें पेयजल एवं विद्युत समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सात दिन में व्यवस्थाएं सही करवाएं।
मात्र छह प्रकरण आए
चौपाल में मात्र 6 प्रकरण आए। जिस पर कलेक्टर गुप्ता ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से तत्परता से कार्यवाही कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौपाल में अधिकारी मौके पर पूरी तैयारी के साथ उपस्थित हों तथा यहां प्रस्तुत होने वाली समस्याओं का हाथो हाथ निराकरण कर ग्रामीणों को संतुष्ट करें। उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस मौके एसडीएम कैलाशचंद्र शर्मा ने कहा कि नरेगा योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत हो तो जिला कार्यालय में हेल्प लाईन में सूचित किया जा सकता है। इसके अलावा एसडीएम कार्यालय में भी शिकायतों को लेकर पेटी लगाई गई हंै। उन्होंने बताया कि १० नवबंर से प्रशासन गांवों के संग अभियान शुरू हो रहा है। चौपाल में डिस्कॉम व जलदाय विभाग के अधिक्षण अभियंता, हरजीराम देवासी, बगदाराम पाल, अंबालाल जीनगर, भूराराम पुरोहित, पदमाराम पुरोहित, तहसीलदार खेताराम सारण, गवराराम राणा और कृष्णकुमार पुरोहित सहित कई जने मौजूद थे।
इनका कहना
-रात्रि चौपाल में पूरी रात तक ग्रामीणों से समस्याओं को लेकर चर्चा करनी चाहिए, ऐसे राज्य सरकार के निर्देश हंै, परंतु डूंगरी में ऐसा नही होना दूर्भाग्यपूर्ण है।
-मूलाराम राणा, जिला उपप्रमुख
-चौपाल को लेकर रात्रि प्रवास के दौरान सोने व खाने की पूरी व्यवस्था की गई थी, परंतु किसी अधिकारी ने प्रवास नहीं किया।
-पदमाराम पुरोहित, ग्रामीण डूंगरी
-राज्य सरकार के निर्देशों के अवहेलना हो रही है। प्रशासन को पूरी रात डूंगरी में ठहराव कर समस्याओं को सुनना था। साथ ही उनका समाधान भी करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
-शैतानसिंह राठौड़, भाटवास