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रतनपुर में गाय पर हमला करने वाले युवक गिरफ्तार, रानीवाडा उपखंड की ताजा खबरों के आपका स्वागत।।
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Wednesday, 22 December 2010

झील सी सुंदरता पर बबूल का दाग

राव गुमानसिंह 
रानीवाड़ा!
प्रकृति इस बार तहसील क्षेत्र पर जमकर मेहरबान हुई है। चारों ओर जहां पहाड़ हरियाली से घिरे नजर आते हैं वहीं क्षेत्र के झरनों से आज भी कलकल करता पानी बह रहा है। प्रकृति की इसी मेहरबानी से क्षेत्र का वणधर बांध में इन दिनों झील सा झूमता नजर आ रहा है। पिछले साल तक सूख चुके इस बांध में इस बार पानी की इतनी आवक हुई है कि यहां ना केवल मछली पालन हो रहा है बल्कि पर्यटकों के लिए नौकायन का भी अवसर है। ऐसे में यहां पर्यटन की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इस मनोहारी केंद्र को भी सरकारी बेपरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बांध के चारों ओर जहां जगह जगह बबूल खड़ा है वहीं कई लोग अवैध रूप से मशील लगाकर इसका पानी खींच रहे हैं। जिसे रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। प्रकृति मेहरबानी, प्रशासन बेपरवाह : इस बांध पर भले ही प्रकृति मेहरबान हो गई हो, लेकिन सरकारी उदासीनता यहां भी दिखाई दे रही है। बांध के चारों ओर बबूल की झाडिय़ां उग आई हैं। जिसके कारण यहां गंदगी रहती है। अगर इन झाडिय़ों को साफ कर दिया जाए तो यहां का सौंदर्य और भी निखर सकता है। बांध के तल में भी बबूल होने के कारण नाव संचालन में परेशानी आती है। इसके अलावा कुछ लोग यहां अवैध रूप से मशीन लगाकर पानी खींचने का भी काम रहे हैं। जिस पर भी अंकुश जरूरी है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस संबंध में सिंचाई विभाग को ज्ञापन भी सौंपा है। 

पर्यटन की हैं संभावनाए

रानीवाड़ा तहसील क्षेत्र में वन्य जीव, धार्मिक और ऐतिहासिक ट्यूरिज्म की अपार संभावनाएं हंै, लेकिन इस धरोहर को पर्यटन के लिहाज से न तो सरकार समझ पाई और न ही निजी क्षेत्र। सरकार ने भी पर्यटन सर्किट पर कम ध्यान दिया है। रानीवाड़ा व जसवंतपुरा पहाड़ों और जगलों की गोद में बसे हैं। दोनो क्षेत्रों में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हंै। रानीवाड़ा तहसील में वणधर व जेतपुरा बांध, सेवाड़ा का पातालेश्वर शिव मंदिर, सिलासन का सिलेश्वर मंदिर, वणधर की प्राचनी वावड़ी, कोटड़ा का आंद्रेश्वर मंदिर, कूड़ी महादेव मंदिर, रानीवाड़ा खुर्द के पहाड़ पर बिल्व वृक्षों का वन, बारहमासी सुकळ नदी, बडग़ांव गढ़ एवं जसवंतपुरा क्षेत्र में सुंधामाता मंदिर, भालू अभ्यारण्य, खोडेश्वर शिव मंदिर, कारलू बोटेश्वर मंदिर, जसवंतपुरा पर्वत पर मिनी माउंट समेत दर्जनों स्थल हैं। जहां हर साल सैकड़ों लोग आते हैं।

फिर होने लगा मछली उत्पादन

बांध में आया पानी यहां के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आया है। कुछ सालों पूर्व तक बांध में मछली उत्पादन होता था, लेकिन बीच में बरसात की कमी के कारण यह काम बंद करना पड़ा। इस साल हुई बरसात के बाद आए पानी में अब एक बार फिर यहां मछली उत्पादन किया जा रहा है। इसके लिए यहां बाकायदा निविदा की गई है। जिसके बाद ठेकेदार ने बांध में मछली के बीज छोड़े हंै। अभी मछली का आकार छोटा है। फरवरी माह के बाद मछली बड़ी होने पर जाल से उन्हें एकत्रित किया जा सकेगा। इसी प्रकार यहां नौकायन का भी काम शुरू किया है। शुरू शुरू में नाव संचालन मछली उत्पादन के लिए किया जा रहा था, लेकिन अब यहां आने वाले लोगों की फरमाइश पर उन्हें भी इसकी सैर करवाई जाती है। लबालब भरे बांध में लोगों के लिए नाव में सफर करना रोमांचकारी होता है। फोटोग्राफी के शौकिन लोगों को यहां की साइट पसंद आने लगी है।

बांध के संरक्षण के लिए प्रयास कर कार्ययोजना बनानी चाहिए

-बांध के खूबसूरत किनारें पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्याप्त हंै। सरकार एवं जिला प्रशासन को यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर कार्ययोजना बनानी चाहिए।

- मोड़ाराम मेघवाल, वणधर



-बांध में जंगली बबूल झाड़ी का रूप ले रहे हंै। जो कि इसकी सुंदरता के लिए दाग है। प्रशासन को बांध के सरंक्षण व संवर्धन के प्रयास करने चाहिए।

- पृथ्वीसिंह राठौड़, मछली पालक, वणधर

Tuesday, 28 September 2010

फिर भी दो दिन में मिल रहा है पानी

रानीवाड़ा& उपखंड मुख्यालय के वाशिंदों को अच्छी बारिश होने तथा कुओं में पर्याप्त पानी के बावजूद अपर्याप्त पेयजल मिल रहा है। पूर्व जिला प्रमुख नारायणसिंह देवल ने बताया कि बारहमासी सुकळ नदी क्षेत्र में बने जलदाय विभाग के कुओं में भरपूर पानी होने के बावजूद अनियमित रूप से बिजली कटौती से कस्बे में पर्याप्त पानी का वितरण नहीं किया जा रहा है। नलकूप में भरपूर पानी होने के बावजूद दो दिन के अंतराल पर जलापूर्ति की जा रही है, वह भी मात्र बीस मिनट। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैण्डपंपों व कृषि कुओं के चक्कर काटने को विवश होना पड़ रहा है। देवल ने बताया कि जलदाय विभाग के कुप्रबंधन के चलते लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

धोराढाल में हैंडपंप खुदवाया

रानीवाड़ा . कस्बे में धोराढाल के गोगा मंदिर में पेयजल की समस्या के समाधान को लेकर विधायक रतन देवासी की अनुशंसा पर ग्राम पंचायत सरपंच गोदाराम देवासी ने हैडपंप खुदाई कार्य का शुभारंभ किया। समाजसेवी सज्जनसिंह राव ने बताया कि मोहल्ले में लंबे समय से पेयजल समस्या गहराई हुई थी। इसके समाधान को लेकर ग्रामीणों ने विधायक रतन देवासी से हैडपंप स्वीकृत कराने की मांग की थी। विधायक की अनुशंषा पर शनिवार को सरपंच गोदाराम देवासी ने हैडपंप कार्य का शुभारंभ किया। खुदाई के दौरान हैडपंप में मीठा पानी निकलने से लोगों ने राहत महसूस की। इस अवसर पर ग्रामसेवक भाणाराम श्रीमाली, लवजीराम जोशी, मुकेश जोशी, प्रतापाराम श्रीमाली, ईश्वरलाल, परखाराम चौधरी, कुलदीपसिंह सहित कई जने उपस्थित थे।

Wednesday, 11 August 2010

इंद्रा कॉलोनी में पेयजल संकट गहराया

रानीवाड़ा! कस्बे की इंद्रा कॉलोनी में कई दिनों से पेयजल संकट है। समाजसेवी केवलचंद जीनगर ने बताया कि कॉलोनी में चार दिन से एक बार पेयजल की आपूर्ति होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर उन्होंने विभाग को कई बार मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

Sunday, 8 August 2010

पेयजल संकट गहराया

रानीवाड़ा।
निकटवर्ती राउप्रावि डूंगरी भाखरी में पन्द्रह दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। प्रधानाध्यापक प्रेमसिंह ने बताया कि विद्यालय में स्थित हैडपंप तकनिकी खराबी से खराब होने की वजह से पेयजल संकट पैदा हुआ है। साथ ही जलदाय विभाग के द्वारा जीएलआर में भी जलापूर्ति नही हो रही है। जिससे विद्यार्थिओं के साथ ग्रामीणों को भी पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड रहा है। उन्होंने एसडीएम को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने का निवेदन किया है।

Sunday, 4 July 2010

पेयजल को लेकर अनैक कार्य स्वीकृत

4July! रानीवाड़ा।
क्षैत्र में पेयजल की समस्या के स्थाई समाधान को लेकर एसएफसी योजना के तहत विधायक की अनुशंषा पर कई कार्य स्वीकृत हुए है। विकास अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वणधर ग्राम पंचायत में १७२५०० रूपए की लागत से हिमता भील की ढाणी के पास जीएलआर व पाईप लाईन, गांग गांव में १६५००० रूपए की लागत से धुखाराम समरथाजी की ढाणी पर हैडपंप मय सिंगलफैस मोटर कार्य, डूंगरी में ९७००० की लागत से रामदेव मंदिर के पास हैडपंप कार्य व ८५५०० रूपए की लागत से मामाजी की भील भाखरी स्कूल को पाईप लाईन से जोडने का कार्य, ११७००० रूपए की लागत से जोडवास गांव में रेबारियों का वास में हैडपंप निर्माण कार्य, जाखडी में १०७००० रूपए की लागत से बाधनाड़ा कोलियों की ढाणी पर हैडपंप निर्माण एवं १२३००० की लागत से रेबारियों का गोलियों में जीएलआर निर्माण व पाईप लाईन, रानीवाड़ा कलां में 101000 की लागत से पोमाभील की ढाणी तक पाईप, 10000 की लागत से बडगांव पडवा तक पाईप लाईन, 30000 की लागत से सुजाणादेवासी की ढाणी में पाईप लाईन कार्य, 123000 की लागत से लसाराम सरूपाजी देवासी की ढाणी के पास जीएलआर व पाईप लाईन व 117000 की लागत से गोगाजी मंदिर के पास हैडपंप, चाटवाड़ा में 111000 की लागत से खाटोणा की ढाणी में पाईप लाईन व 121000 की लागत से सुथारों की ढाणी में पाईप लाईन, कोडका में 80000 की लागत से पीएचईडी बुस्टर के पास जीएलआर, 106000 की लागत से बाबरा ओखा की ढाणी में पाईप फिटिंग, रतनपुर में 117000 की लागत से माताजी मंदिर के पास हैडपंप व 117000 की लागत से रातडों की ढाणी मैत्रीवाड़ा में हैडपंप, आखराड़ में ९७००० की लागत से रेबारियों की ढाणी में हैडपंप व भील बस्ति दौलपुरा में हैडपंप, दांतवाड़ा में 1४३००० की लागत से उदा महाराज भील की समाधी तक पाईप लाईन, सिलासन में 1५१००० की लागत से पाड़ावी में हैडपंप व सिंगल फैस मोटर, करवाड़ा में १०७००० की लागत से वरिंगाराम की ढाणी में जीएलआर व पाईप लाईन एवं रानीवाड़ा खुर्द में जलाराम धाम के पास हैडपंप निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। ग्रामीणों ने विधायक का आभार जताया है।

Tuesday, 22 June 2010

भील बस्ती में पेयजल संकट गहराया

रानीवाड़ा& कस्बे की भील बस्ती में पेयजल के स्थाई समाधान को लेकर बिछाई गई पाईप लाईन को मुख्य पाईप लाईन से नही़ जोडऩे पर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। समाजसेवी पोमाराम भील ने बताया कि भील बस्ती में कई वर्षों से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। पूर्व में बस्ती में लगा हैडपंप अब सूख गया है। विधायक रतन देवासी व ग्राम पंचायत प्रशासन के सहयोग से बस्ती में नई पाईप लाईन बिछाई गई है, लेकिन लाईन को भाटवास जल प्रदाय योजना से 

Sunday, 20 June 2010

दानदाता निकला अवैध अतिक्रमी

रानीवाड़ा।
विधानसभा क्षेत्र के सेडिया गांव में ट्यूबवेल के बहाने गोचर भूमि हड़पने का मामला सामने आया है। तथाकथित दानदाता के विरूद्ध तहसीलदार ने अवैध अतिक्रमण करने का फैसला सुनाया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एससी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अंबालाल चितारा ने बताया कि सेडिया गांव में गत वर्ष जनवरी माह में दानदाता केसाराम रामचंद्र विश्रोई ने सार्वजनिक ट्यूबवेल के लिए जिला कलेक्टर से परमीशन मांगी थी। कलेक्टर ने 15 जनवरी 2009 को सेडिया गांव के खसरा संख्या ४७२ में बोरवेल करने के आदेश सशर्त जारी किए थे। उक्त दानदाता के द्वारा शर्तों की पालना नही की गई है। चितारा ने बताया कि उक्त खसरा नम्बर में अवैध अतिक्रमण करने की शिकायत पर तहसीलदार सांचोर ने उक्त दानदाता को दोषी पाया। गत वर्ष 9, 26 व 30 नवम्बर को तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमी के विरूद्ध नोटिस जारी किए। नोटिस का जवाब नही देने पर तहसीलदार ने 22 मार्च 2010 को दानदाता केसाराम रामचंद्र विश्रोई को खसरा नम्बर ४७२ में अवैध अतिक्रमण करने का दोषी पाया तथा जुर्माना लगाते हुए उक्त सरकारी भूमि में से बैदखल करने के आदेश दिए।
चितारा ने बताया कि 9 मई 2010 को करड़ा थानाधिकारी, तहसीलदार सांचोर व भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी की टीम ने सेडिया गांव के खसरा नम्बर ४७२ में से उक्त अतिक्रमी का अतिक्रमण हटाया। जिसमें ग्राम वासियों ने सरकारी अमले को सहयोग प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि जालोर मुख्यालय पर पानी की समस्या को लेकर दिए जाने वाले धरने के पीछे धरणार्थियों की मंशा सरकारी जमीन हडपने की है। उन्होंने जिला कलेक्टर के द्वारा दिए गए निर्देशों व शर्तों की पालना नही की है। इसके अलावा पीएचईडी ने भी उक्त बोरवेल को नियम विरूद्ध माना है। टीडीएस गुट में उक्त बोरवेल का पानी पीने योग्य नही माना गया है। वर्तमान में सेडिया गांव में सांकड़ जलप्रदाय योजना से जलापूर्ति सही समय पर व पर्याप्त मात्रा में करवाई जा रही है। जालोर मुख्यालय पर दिए जाने वाला धरना एक राजनीतिक नाटक जैसा प्रतित होता है।

सजगता से होगा समस्याओं का समाधान : शर्मा

रानीवाड़ा
ग्रामीण जन स्तर पर समस्याओं की प्रति सजग रहें तो उसका समाधान समय पर हो सकेगा। यह बात उपजिला कलेक्टर कैलाशचंद्र शर्मा ने ग्राम पंचायत सिलासन में रात्रिकालीन ग्रामीण चौपाल के दौरान कही। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को विकास योजनाओं की जानकारी रखनी चाहिए। शर्मा ने विकट भविष्य में मानसून आने की स्थिति में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में सतर्क रहने की बात कही। साथ ही इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश दिए।इसके अलावा उन्होंने राशन संबंधी योजनाओं की भी जानकारी दी। इसी प्रकार तहसीलदार खेताराम सारण ने जनगणना, ब्लॉक सीएमएचओं डा.ॅ आलाराम चौहान ने मौसमी बीमारी, बचाव, टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, पीडब्ल्यूडी सहायक अभियंता अमृतलाल वर्मा ने क्षेत्र में सड़कों के रखरखाव व नवीन प्रस्तावों, अति. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गजेंद्र देवासी ने शिक्षा का अधिकार, साक्षर भात मिशन २०१२, मिड-डे-मील, छात्रवृति और जलदाय विभाग के सहायक अभियंता आर.एन. यादव ने पेयजल संबंधी जानकारी दी। चौपाल में टी.पी. सिंह, श्रवणकुमार परिहार, मोहनलाल, सोनाराम, हरिश राणावत, पप्पूसिंह, राहुल वैष्णव, सरपंच झमका कंवर, वार्डपंच, ग्रामसेवक, पटवारी, प्रधानाध्यापक सहित सैकड़ो लोग 
उपस्थित थे।

Monday, 10 May 2010

नर्मदा नीर संघर्ष समिति का गठन

रानीवाड़ा।
स्थानीय आपेश्वर सेवाडिय़ा महादेव मंदिर में आज रविवार को हेमसिंह सेवाड़ा की अध्यक्षता व महंत रतन भारती के विशिष्ठ अतिथि में नर्मदा नीर संघर्ष समिति का गठन किया गया। रतनसिंह कोडिटा को संयोजक तथा पदमाराम चौधरी डूंगरी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोनित किया गया। बैठक में इस योजना की स्वीकृति को लेकर संघर्ष करने के लिए कार्य योजना को अंतिम रूप दिया गया। इस अवसर पर जाखड़ी सरपंच मंगलाराम दर्जी, सिलासन सरपंच उकसिंह परमार, भाजपा नेता बलवंतसिंह डाभी, नरपत सोनी, तगाराम घांची, वगताराम माली, परखाराम करवाड़ा, बलवंत पुरोहित सरपंच धामसीन, नेथीराम मेघवाल आखराड़, प्रागाराम पुरोहित सेवाडिय़ा, जसीराम जोशी, हरसनराम देवासी, जवाहरसिंह पाल, छगनाराम डेलीगेट, फगलुराम विश्रोई करवाड़ा, प्रभुराम जीनगर, वगताराम सैन सहित कई लोगों ने भाग लिया।

Sunday, 9 May 2010

पानी को लेकर संघर्ष समिति गठित

रानीवाड़ा. नर्मदा के पानी को पेयजल के लिए रानीवाड़ा तहसील तक पहुंचाने के संबंध में वर्षों पूर्व बनाई गई योजना को स्वीकृत करवाने को लेकर क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किया गया है। संयोजक रतनसिंह कोडि़टा ने बताया कि रविवार को समिति की बैठक सेवाडिय़ा आपेश्वर महादेव मंदिर में सवेरे 10 बजे होगी। जिसमें जनप्रतिनिधि व क्षेत्र के नागरिक भाग लेंगे।

अवैध कनेक्शन हटाए

रानीवाड़ा.क्षेत्र में जलापूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर जलदाय विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को गांग ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सात अवैध कनेक्शन हटाए गए। सहायक अभियंता रामनिवास यादव ने बताया कि इस दौरान स्थानीय जलदायकर्मी ने पुलिस इंद्राज के साथ जोरा, नानजी, बालू, दाना, काला, भगराज और हीरा कलबी के अवैध कनेक्शन हटाए।

पाइपलाइन से हटाए अवैध कनेक्शन

रानीवाड़ा
ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलदाय विभाग द्वारा अवैध कनेक्शन विच्छेद करने का अभियान जारी है। सहायक अभियंता रामनिवास यादव ने बताया कि आज गुरुवार को पुलिस के सहयोग से विभाग ने गांग व मंडारडी गांव में रिदाराम, हीराराम, भगाराम, रूपाराम, रतनाराम, चतराराम, प्रभुराम, लालाराम, खंगाराराम, जगाराम, गजाराम, बाबुराम, राजाराम, समरथाराम, रूपाराम, रणछोड़ाराम, ओखाराम व मेजलाराम सहित 18 जनों के अवैध कनेक्शन काटे गए। इस अभियान में जलदाय विभाग के कर्मचारी रमेशकुमार व सुआदेवी ने भी सहयोग प्रदान किया।

Thursday, 6 May 2010

चौपाल आज

रानीवाड़ा ! राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत पर उपखंड अधिकारी की मौजूदगी में रात्रि चौपाल का आयोजन गुरूवार को मालवाड़ा में किया जाएगा। ग्रामसेवक मांगाराम देवासी ने बताया कि शाम 7 बजे चौपाल का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ आवश्यक रूप से भाग लेंगे। चौपाल में दर्ज होने वाली समस्याओं का निस्तारण उपखंड कार्यालय में प्रत्येक सोमवार को होने वाली समीक्षा बैठक में किया जाएगा। उपखंड अधिकारी कैलाशचंद्र शर्मा ने बताया कि 13 मई को करड़ा, 20 मई को कागमाला व 27 मई को दहीपुर में भी इन चौपालों का आयोजन किया जाएगा।

Monday, 3 May 2010

जड़ों से मिली राहत

रानीवाड़ा।
ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह गर्मी के मौसम में पेयजल का संकट का कारण पाईपों में जडो का घुस जाना सामने आया है। निकटवर्ती तावीदर की रेबारियों की ढाणी में कुछ माह से जीएलआर में जलापूर्ति नही हो पा रही है। ग्रामीणों के द्वारा जलदाय विभाग में इस समस्या को लेकर लिखित में शिकायत की गई। जलदाय विभाग के कर्मचारियों ने कुछ अवैध कनेक्शन भी हटवाए, परंतु फिर भी जलापूर्ति जीएलआर में नही होने पर जडो के पाईप लाईन में घुस जाने का अंदेशा जताया गया। वरिष्ठ जलदाय कर्मी लक्ष्मणाराम देवासी ने अनुभव का प्रयोग कर काफी जगह पाईप लाईन को खोलकर जडो की तलाश की गई। तब एक जगह पाईप केंद्र जडे पाई गइ। काफी मशक्कत के बाद उस पाईपलाईन के अंदर से जडे हटाई गई। जलापूर्ति शुरू करने पर अब रेबारियों की ढाणी के जीएलआर में भरपूर मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के साथ जलदाय कर्मी देवासी का हार्दिक आभार जताया है।

Tuesday, 27 April 2010

रानीवाड़ा में भी अवैध कनेक्शनों पर गाज

रानीवाड़ा।
तहसील में पेयजल स्रोतों पर किए गए अवैध जल कनेक्शनों को हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को रानीवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र में ६५ अवैध जल कनेक्शन विच्छेद किए गए। क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जलदाय विभाग की ओर से अवैध जल कनेक्शन वालों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत अब तक १00 से अधिक अवैध कनेक्शन काटे जा चुके है, वहीं अवैध कनेक्शन काटने का सिलसिला जारी है। उपखण्ड क्षेत्र में 5 टीमों का गठन किया गया है। जिसमें राजस्व, जलदाय व पुलिस विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों को नियुक्त किया गया है।
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता रामनिवास यादव ने बताया कि गांवों में पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करवाने को लेकर शुरू किए गए इस अभियान के तहत लाखावास लाईन में १५, सांतरू स्कीम में १३, मौखातरा स्कीम में १९,आखराड़ में २, रानीवाड़ा कस्बे में ५ एवं गोलवाड़ा स्कीम में १० जनों के अवैध नल कनेक्शन को विच्छेद किया गया। इस अभियान से कई सूखे जीएलआर में पानी आने लगा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र रानीवाड़ा कस्बे में अवैध बूस्टर पर रोकथाम के लिए अभियान चलाया जाएगा।

Thursday, 22 April 2010

पेयजल आपूर्ति को लेकर माहौल गर्माया

रानीवाड़ा।
नवगठित पंचायत समिति की साधारण सभा की पहली बैठक विधायक रतन देवासी की देखरेख व प्रधान श्रीमती राधादेवी देवासी की अध्यक्षता में हुई । बैठक में सदस्यों ने पेयजल, सड़क, नरेगा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए। इस दौरान माहौल भी गर्मा गया। विधायक देवासी ने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं कर पाने के लिए पीएचईडी के एईएन की जोरदार खिंचाई की। सरपंचों ने पेयजल की गंभीर समस्या के समाधान हेतु टेंकरों से पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर विधायक को अवगत कराया। इस बैठक में उपखंड अधिकारी कैलाशचंद्र शर्मा, उपप्रमुख मूलाराम राणा, तहसीलदार खेताराम सारण भी मौजूद थे। बैठक का शुभारंभ विकास अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने गत बैठक की कार्रवाई को लेकर किया।

विधायक ने बताया - रतन देवासी ने कहा कि कस्बे के सौंदर्यकरण को लेकर डीजाईन का कार्य पूरा हो चुका है। तीन चौराहै का निर्माण प्रथम चरण में होगा। समिति परिसर में शोपिंग कॉम्पलेक्श की डिजाईन का कार्य प्रगति पर है। परिसर में ही भव्य दरवाजा व सुलभ शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा। उक्त निर्माण कार्य प्रसिद्ध आर्किटेक्ट के दिशा निर्देशन में नई आकर्षक डिजाईन में करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या प्राकृतिक है। जिसके समाधान के लिए राज्य सरकार संवेदनशील है। कन्टेजेन्सी प्लॉन में ज्यादा से ज्यादा राशि आंवटित की गई है। शीघ्र ही ग्राम पंचायत के माध्यम से गांव गांव ढाणी ढाणी टंैंकर की व्यवस्था शुरू करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पेयजल की समस्या अधिकतर गांवों में एवजी लाईनमेन के कारण पैदा हुई है। उनकों हटाने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा जाएगा। देवासी ने कहा कि पानी का दुरूपयोग रोकने के लिए फ्लाईंग की टीम गठित की गई है। जिसमें एसडीएम, एईएन, सरपंच व पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। वणधर में ऑपनवेल स्वीकृत हो चुका है, शीघ्र ही कार्य शुरू होगा। जीएलआर में जलापूर्ति सूचारू रूप से करवाने के लिए अवैध कनेक्शन कटवाने के लिए शीघ्र ही अभियान शुरू किया जाएगा। नर्मदा से पेयजल लाने के लिए हमने मुख्यमंत्री से मिलकर निवेदन किया है, आशा है कि उक्त योजना शीघ्र ही स्वीकृत हो जाएगी। देवासी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू विद्युत आपूर्ति अब दोपहर 12 से 6 व शाम ६ से सुबह ६ बजे तक की जाएगी। प्रधानमंत्री मद से वंचित ढाणियों व गांवों को डामर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इस सत्र में सात राउप्रावि को क्रमोन्नत किया गया है। साथ ही मालवाड़ा में विज्ञान संकाय व रानीवाड़ा कस्बे की बालिका विद्यालय में वाणिज्य संकाय शुरू किया गया है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत पौशाक वितरण व अग्रिशमन यंत्र की खरीद में पारदर्शिता नही होने से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के द्वारा अवैध प्रेक्टिस कर गरीब मरीजों को सीएचसी तक नही पहुंचने के मसले को गंभीरता से लेकर एसडीएम को जांच करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला व बालविकास विभाग के द्वारा 19 आंगनवाड़ी केंद्र व 14 मिनी आगंनवाड़ी केंद्र स्वीकृ त करवाए है, जिनमें कार्यकर्ताओं की भर्ति अतिशीघ्र की जाएगी। देवासी ने कहा कि पंचायत समिति परिसर में विकास वाटिका के रूप में सुंदर बगीचा बनाया जाएगा। साथ ही प्रधान के लिए नया भवन व सभा भवन में सभी सदस्यों के लिए माईक की व्यवस्था शीघ्र ही करवाई जा रही है। समिति की नीजि आय बढाने के लिए शौपिंग कॉम्पलेक्श बनाया जा रहा है।

बाद में एसडीएम कैलाशचंद्र शर्मा ने कहा कि फोटो पहचान पत्र का अभियान शुरू किया गया है। विभिन्न पंचायत मुख्यालय पर तय तिथि पर फोटो पहचान पत्र से वंचित लोग इसका लाभ ले सकते है। पंचायत मुख्यालयों पर राजीवगांधी ई केंद्र के भवन अगस्त से पूर्व निर्वित करने के निर्देश दिए। शर्मा ने कहा एसएसएफसी के द्वारा सभी पंचायतों को जनसंख्या अनुपात में राशि जारी की गई है। उक्त राशि को सरपंच पेयजल योजनाओं में ही खर्च कर सकते है। सरपंच चाहे तो उक्त राशि से हैडपंप, पाईप लाईन, हैडपंप पर मोटर लगाने जैसे कार्य कर सकते हैं। उन्हानें कहा कि एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। जोकि ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत के माध्यम से टैंकर के द्वारा पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

पेयजल का मुद्दा गरमाया - जलदाय विभाग के सहायक अभियंता रामनिवास यादव ने पेयजल की समस्या व समाधान को लेकर ग्राम पंचायत वार विस्तार से जानकारी सदन को अवगत करवाई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 11 ट्युबवेल व 34 हैडपंप तैयार करवाए गए है, जो सुचारू रूप से चल रहे है। इस दौरान पेयजल की समस्या को लेकर रानीवाड़ा सरपंच गोदाराम देवासी ने कस्बे के बाईपास पर ऑवर हैडटंैक, बडग़ांव रोड़ की भील बस्ती में पेयजल समस्या के बारे में जानकारी दी। जालेराकलां के डेलीगेट वागाराम ने तावीदर में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। रानीवाड़ा खुर्द सरपंच करमीराम ने सांईजी की बैरी के जीएलआर में लंबे समय से जलापूर्ति नही होने की बात कही। गांग सरपंच भूराराम ने गांग में एवजी लाईनमैन की शिकायत बताई। उन्होंने हिरपुरा, चिमनगढ लाईन पर अवैध कनेक्शन को हटाने की गुहार लगाई। कोटड़ा सरपंच सहीराम विश्रोई ने मौखातरा में एवजी लाईन मैन लगाने की शिकायत की। करवाड़ा डेलीगेट छगनाराम ने ढाणियों में पेयजल संकट के बारे में सदन को जानकारी दी। जाखड़ी सरपंच शांतादेवी दर्जी ने रेबारियों की ढाणी व चारणवास में पेयजल समस्या के बारे में कहा। जोडवास डेलीगेट पूरणसिंह देवड़ा ने नर्मदा का पानी उपलब्ध करवाने के लिए शीघ्र योजना स्वीकृत करवाने को लेकर सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव लेने की बात कही। धानोल सरपंच भीखाराम ने आठ स्कूलों में पेयजल संकट होने की बात कही। मालवाड़ा डेलीगेट दिवाली काबा ने मालवाड़ा कस्बे में ऑवर हैंड टैंक स्वीकृत करवाने की मांग रखी। आखराड़ में रेलवे स्टेशन के पास भीलों की ढाणी हैंडपंप खुदवाने की गुहार लगाई।

विद्युत पर छिडी बहस - विद्युत विभाग के कनिष्ठ सौरभसिंह ने विभाग के द्वारा चल रहे कार्यो के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष २०५ सामान्य श्रेणी के कनेक्शन, १८ एससी, ५७० कुटीर ज्योति व 4 जलदाय विभाग के नए कनेक्शन दिए गए है। मारूवाड़ा, सेवाड़ा व रानीवाड़ा खुर्द में 33केवी स्टेशन की प्रक्रिया चल रही है। बडग़ांव में 132 केवी स्टेशन 2 महिने में शुरू होने की संभावना है। धामसीन सरपंच बलवंत पुरोहित ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सिर्फ रात्री को ही घरेलू विद्युत आपूर्ति दी जा रही है, जिससे दिन को गर्मी के मौसम में लोगों को परेशान होना पड रहा है। धानोल सरपंच भीखाराम चौधरी ने जायद की फसल में पर्याप्त मात्रा में कृषि विद्युत आपूर्ति कराने का निवेदन किया। रानीवाड़ा सरपंच गोदाराम देवासी ने बीपीएल कनेक्शन के लिए नई फाईलें जमा कराने का मुद्दा उठाया, उन्होंने बताया कि विभाग के द्वारा नही ली जा रही है।
पीडब्ल्यूडी एईएन अमृतलाल वर्मा ने नरेगा सहित अन्य योजनाओं के तहत चल रहे कार्यो के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कस्बे के राउमावि खेल मैदान में 25 लाख रूपयें की लागत से स्टेडियम बनाया जाएगा। कृषि विभाग के कन्हैयालाल विश्रोई सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। एसएसए के बीआरसीएफ तेजाराम ने विभाग की गतिविधियां, कम्प्यूटर शिक्षा, पौशाक वितरण, अग्रिशमन यंत्र, शौचालय निर्माण व छात्रवृतियों के बारे में जानकारी दी। सीडीपीओं संतोष शर्मा ने सुपरवाईजर की कमी की बात कही।

ऐतिहासिक बैठक - पंचायत समिति सभा भवन में आयोजित आज की बैठक
को ऐतिहासिक माना गया है। यह बैठक दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित की गई। विधायक देवासी के दिशा निर्देशन में आयोजित इस बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को भारी कसरत करनी पडी। उन्होंने हर विभाग के अधिकारी को ग्राम पंचायत वार समस्या के समाधान को लेकर सवाल-जवाब किए। जलदाय विभाग पर चर्चा लगभग तीन घंटे तक चली। बैठक में महिला सदस्य घुंघट धारण किए चुपचाप बैठी रही।

सरपंच अंदर, प्रतिनिधि बाहर - बैठक में ऐसा पहली बार देखा गया कि इसमें किसी भी महिला जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि को प्रवेश नही दिया गया, सभी प्रतिनिधि सभा भवन के बाहर खडे रहे। कुछ ने विरोध भी जताया, परंतु सभाध्यक्ष ने उनकों प्रवेश नही दिया।

Sunday, 18 April 2010

तल्ख धूप में सूख गए पेयजल स्रोत

रानीवाड़ा! तापमान में वृद्धि और मानसून की बेरुखी ने क्षेत्र में इस बार पेयजल किल्लत की भयावह स्थित पैदा कर दी है। गर्मी के असर से अधिकतर तालाब सूख चुके हैं तो कुछ सूखने के कगार पर हैं। ऐसे में पशुधन पर भी संकट मंडरा रहा है।
पानी की कमी के कारण इस वर्ष अभी से पेयजल आपूर्ति भी काफी ज्यादा प्रभावित हो रही है। इधर, इस भीषण गर्मी में पेयजल आपूर्ति भी लडख़ड़ा चुकी है। ऐसे में कस्बेवासियों की परेशानियां और बढ़ गई है। शनिवार को कस्बे में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं जलदाय विभाग के सभी फोन व अधिकारियों के मोबाइल बंद होने से लोगोंं में विभाग के प्रति आक्रोश था। पेयजल व्यवस्था लडखड़ाने के कारण लोगों का जीना दुभर हो गया है। संकट के चलते लोगों को टैंकरों से पानी की आपूर्ति करवानी पड़ रही है। मानसून की बेरुखी के चलते जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग व्यवस्था सुधारने में बेबस नजर आ रहा है। देखा जाए तो अभी ये हालात हैं तो अगले दिनों में इसका असर क्या होगा समझा जा सकता है। कस्बेवासियों ने जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग से पेयजल आपूर्ति का विकल्प अतिशीघ्र ढूंढने की मांग की है। सभी मोहल्ले पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। ऐसे में लोगों का जीना दुभर हो गया है।

इनका कहना

समस्या समूचे क्षेत्र में है, कंटीजेंसी प्लॉन के तहत राशि आवंटित कर टैंकर की सुविधा से आंशिक तौर पर समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे है। हैंडपंप भी जहां पानी है वहां खुदवाए जा रहे है। सरकार इस समस्या को लेकर संवेदनशील है। - रतन देवासी, विधायक, रानीवाड़ा

कस्बे में पेयजल संकट है, विशेषतया पिछड़ी बस्तियों में गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों को काफी परेशानी होती है। पानी की कमी से टैंकर के दाम भी बढ़ चुके हैं, ऐसे में आम आदमी को परेशानी होती है।

- गोदाराम देवासी, सरपंच ग्राम पंचायत रानीवाड़ा कल्ला

भू-जल के रसातल चले जाने से यह संकट पैदा हुआ है, समाधान सिर्फ नर्मदा के पानी से ही हो सकता है। देवपुरा, आमपुरा, झौरा सहित चार रास्ता की स्कीम ठप होने से ही ऐसे हालात हो रहे है। अब पूरा क्षेत्र भाटवास के बोरवेल के भरोसे है।

- रामनिवास यादव, सहायक अभियंता जलदाय विभाग, रानीवाड़ा

विभाग व राज्य सरकार पेयजल को लेकर संवेदनशील नहीं है, कस्बेवासियों को इस समय पेयजल संकट से सामना कर रहे है, प्रशासन को अविलंब कस्बे में टैंकर से विभिन्न मोहल्लों में पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए।

- मिस्त्री फिरोज खां, कस्बावासी, रानीवाड़ा

Friday, 16 April 2010

पहाड़का में पेयजल संकट गहराया

रानीवाड़ा!निकटवर्ती तावीदर गांव के पास तलहटी में स्थित भीलों की ढाणी के नाम से जाना जाने वाले पहाड़का क्षेत्र में इन दिनों पेयजल की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। समाजसेवी कानाराम देवासी ने बताया कि तावीदर के खुले कुएं में पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध होने के उपरांत पहाड़का के जीएलआर में कार्मिक की मनमानी से पानी का वितरण नहीं करवाया जा रहा है। इस बारे में ग्रामीणों ने कार्मिक सहित जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। यह क्षेत्र गांव से तीन किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में आया हुआ है। जहां आने जाने के लिए सुगम रास्ता भी नहीं है। ऐसी स्थिति में यहां की महिलाओं को तीन किलोमीटर दूर गांव तक आकर पानी ले जाना पड़ रहा है।

Sunday, 4 April 2010

जल बिन जा रही बेजुबानों की जान

गुमानसिंह राव. रानीवाड़ा
पानी का संकट क्षेत्र के जंगलों में वन्य जीवों के लिए मौत का कारण बनता जा रहा है। यही हाल रहा तो इस बार अकाल के दौरान भारी संख्या में वन्यजीवों को दम तोडऩा पड़ सकता है। सुंधा पर्वत के आसपास के वन्य क्षेत्र में पिछले पखवाड़े के दौरान करीब चार दर्जन बंदरों की मौत हो गई। साथ ही अन्य वन्य जीवों पर भी इसका असर पड़ रहा है। खुद वन विभाग मान रहा है कि पानी की कमी इन जीवों के लिए जान लेवा साबित हो रही है और उसका कोई उपाय भी नहीं है। इधर, कुछ माह पूर्व ही चितलवाना के निकट नर्मदा नहर में पाली गई मछलियों के जीवन पर भी पानी के कारण संकट छाने लगा है। मछली उत्पादन कर रहे ठेकेदार की पानी के बहाव में आ रही कमी के कारण चिंता बढ़ गई है, क्योंकि पानी की कमी के कारण वहां मछलियां नहीं पनप रही हैं। शेष&पेज 9

मशीनों से खींच लेते हैं पानी

नर्मदा का ओवरफ्लो पानी लूणी व सूकड़ी नदी में छोड़ा गया था। अब यहां पानी की आवक बंद कर दी गई है। नदी क्षेत्र के आसपास के किसान अपने खेतों में सिंचाई के लिए इस पानी को मशीनों से खींच रहे हैं। जिससे दिनों दिन यहां पानी की कमी होती जा रही है। पानी के अभाव में ये मछलियां मरती जा रही हैं।

वन्य प्रेमी आया आगे

पूरण गांव के छत्तरसिंह देवल ने मूक जीवों की जान बचाने के लिए पहल की है। उसने स्वंय के टैं्रक्टर से धोरों में पेयजल पहुंंचाने का काम शुरू किया है। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से जंगली जानवरों को राहत पहुंचाने को लेकर जंगलों में कच्ची टंकियों को खेल के रूप में रखवा कर प्रतिदिन टैंकर से भरवाने का कार्य यह युवक कर रहा है। रोजाना सुबह देवल इस काम में लग जाते है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में काफी तादात में वन्य जीव पानी के प्यास से मारे जा चुके है।

क्यों गहराया जलसंकट

इस क्षेत्र में जल संकट का मुख्य कारण सुकळ नदी का सूख जाना है। जिले में लगातार तीन साल से अच्छी बरसात नहीं हो रही है। सुंधा पर्वत के आसपास जंगलों से घिरे और सुंधा पर्वत से सटे पूरण व कैर गांव के निकट बहने वाली इस बारहमासी सुकळ नदी के सूख जाने से परंपरागत पेयजल स्रोत सूख गए हैं। इससे पास में स्थित दो एनीकट सूख गए हैं। पूरे पर्वतीय क्षेत्र के आसपास जंगली जानवरों के लिए पीने का पानी नहीं बचा है। वन विभाग की ओर से खेली भी नही बनाई हुई है, जबकि विभाग वन्य जीवों को पेयजल मुहैया कराने के लेकर बड़े दावे कर रहा है।

मछलियों के जीवन पर संकट

चितलवाना. करीबन साल भर पहले शुरू हुई नर्मदा नहर में पानी की आवक को देखते हुए एक ठेकेदार ने इस पानी को मछली उत्पादन के लिए उपयोगी मान कर उसमें करीबन 35 लाख बीज डाले थे, लेकिन 15 मार्च से बंद हुई पानी की आवक के चलते इन मछलियों पर भी संकट गहरा गया है। निकटवर्ती केरियां और गांधव के बीच लूणी व सूकड़ी नदी में नर्मदा नहर के ओवरफ्लो से डाले गए पानी के सूख जाने से अब ये मछलियां मरती जा रही हैं। नहर में बंद हुई पानी की आवक के साथ अब ओवरफ्लो से इक_ा हुआ पानी भी सूखने के कगार पर है। पानी की आवक बंद होने के कारण मछलियां कीचड़ में फंस कर मरने लगी हैं। इससे मछली उत्पादन के कार्य में काफी रुकावट आ रही है।

बिखरे पड़े हैं बंदरों के शव

सुंधा पर्वत के आसपास जंगलों से घिरे और सुंधा पर्वत से सटे पूरण व कैर गांव के पर्वतीय क्षेत्रों में काले मुंह वाले बंदरों के शव बिखरे पड़े हैं। इस क्षेत्र में करीब ४० बंदरों के शव पड़े हैं जो अकाल में मौत का शिकार हो गए। इस क्षेत्र में दूर दूर तक पानी का कोई साधन नहीं है। जलस्रोत सूखे पड़े हैं और वन विभाग की ओर से भी कोई व्यवस्था नहीं है। काले मुंह के बंदरों के अलावा इस क्षेत्र में जरख, सियार, लकड़बग्गा, रीछ सहित कई वन्य जीव हैं। पानी की कमी के कारण रीछों का तो गांव में आना रोज की घटना है। इसी प्रकार यहां के धोरों में कुलाचे मारते काले हरिण को भी पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। पानी की तलाश में झुंड में हरिण गांवों की ओर आने लगे हैं। पूरण गांव से ८ किमी दूर दुर्गम क्षेत्र वणार व धाराल तक के बीच के वन क्षेत्र में हरिणों की प्यास बुझाने वाले एनीकट सूख गए हैं।

-जंगली जानवरों को पानी सप्लाई के लिए बजट का प्रस्ताव विभाग के उच्चाधिकारियों को भिजवाया गया गया है। वैसे पूरे क्षेत्र में सैकड़ों की तादात में बंदर सहित कई जीव मारे जा रहे हंै। पर्वत के टॉप पर पेयजल उपलब्ध करवाना नामुमकिन है। अब इनका भगवान ही मालिक है।

-अनिल गुप्ता, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जसवंतपुरा

पहले नर्मदा नहर में पानी की आवक के दौरान मछली पानी के तेज बहाव में आ जाने से मर जाती थी और अब आवक बंद होने के बाद लगातार पानी की कमी से मछलियां गड्ढों व कीचड़ में फंस जाती हैं।

- मोहम्मद इस्माइल खां, मछली ठेकेदार, जोधपुर