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रतनपुर में गाय पर हमला करने वाले युवक गिरफ्तार, रानीवाडा उपखंड की ताजा खबरों के आपका स्वागत।।
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Friday, 24 June 2011

सुंधा ट्रस्ट पर सरकारी साया


रानीवाड़ा। 
प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री सुंधामाता ट्रस्ट पर अब सरकारी साया पडने वाला है। देवस्थान विभाग उदयपुर ने ट्रस्ट की आय-व्यय की निगरानी के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर ट्रस्ट को प्राप्त होने वाली राशि की गणना में पारदर्शिता एवं नियमितता को लेकर अधिकृत किया है।
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान, गुजरात सहित देश के कई राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बने श्री सुंधामाता तीर्थ को संचालित करने वाले श्री चामुण्ड़ा माताजी मंदिर ट्रस्ट में पिछले कई वर्षों से अनियमितताए एवं धांधली की शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों को लेकर गत जिला परिषद की बैठक में विधायक रामलाल मेघवाल ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिसका अनुमोदन सदन ने सर्व सम्मति से पारित कर ट्रस्ट की गतिविधियों एवं आय-व्यय में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखकर रिसीवर लगाने का निवेदन किया था। जिला कलेक्टर ने जिला परिषद के इस प्रस्ताव को क्रियान्वयन करने के लिए राज्य सरकार को भेजा जहांं से सरकार की सकारात्मक टिप्पणी के साथ देवस्थान विभाग उदयपुर को पत्र प्रेषित किया गया है। जिस पर देवस्थान विभाग ने 10 जून को जिला कलेक्टर जालोर को पत्र प्रेषित कर श्री चामुण्ड़ा माताजी ट्रस्ट, सुंधापर्वत, दांतलावास तहसील भीनमाल में प्रशासनिक अधिकारी को नियुक्त कर पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिस पर जिला कलेक्टर के.के. गुप्ता 21 जून को नए निर्देश जारी कर श्री चामुण्ड़ा माताजी ट्रस्ट सुंधापर्वत में प्राप्त होने वाली राशि की गणना में पारदर्शिता एवं नियमितता के परिपेक्ष्य में मंदिर के भण्ड़ार तथा अन्य प्राप्त होने वाली भेंट राशि की गणना के लिए उपखंड अधिकारी, भीनमाल को मनोनित कर राज्य सरकार के निर्देशों की पालना करने के लिए पांबद किया है।
क्या है निर्देश :- सुंधामाता तीर्थ पर प्रतिमाह लाखों रूपए एवं सोने चांदी के गहनों की आवक होती है। अब नए निर्देशों के तहत ट्रस्ट के द्वारा संचालित भण्ड़ार को माह में एक बार निश्चित तिथि को एसडीएम के समक्ष खोला जाएगा। भण्ड़ार खोलने पर उसमें प्राप्त होने वाली राशि एवं अन्य सामग्री का लेखा-जोखा एसडीएम के समक्ष संधारित किया जाएगा। पूरा विवरण प्रत्येक माह मंदिर के पास ट्रस्ट कार्यालय के बाहर नोटिस बोर्ड पर एवं उपखंड कार्यालय भीनमाल में चस्पा किया जाएगा, ताकि कोई भी श्रद्धालु ट्रस्ट की आय-व्यय को पारदर्शिता पूर्वक देख सके। इसी तरह मंदिर के नाम पर काटी जाने वाली रसीदों एवं दी जाने वाली भैंटों अर्थात गहनों का हिसाब-किताब इसी दिन एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसका सम्पूर्ण लेखा-जोखा नोटिस बोर्ड पर लगाना आवश्यक माना गया है। साथ ही ट्रस्ट की गतिविधियों, आय-व्ययों की जानकारी सहित नए होने वाले कार्यों की मासिक रिपोर्ट जिला कलेक्टर को प्रेषित करनी आवश्यक होगी।
क्या होगी भावी कार्यक्रम :- प्रशासनिक हल्कों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा की तर्ज पर श्री सुंधामाता मंदिर का संचालन राज्य सरकार देवस्थान विभाग को सौंपेगा। इससे पूर्व प्रत्येक माह की निश्चित तिथि को एसडीएम के समक्ष खुलने वाले भण्ड़ारे में से निकलने वाली दान राशि एवं भैंट की गणना के लिए विडियों केमेरे एवं सीसी टी.वी. केमेरे लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी श्रद्धालु मंदिर के बाहर भी खड़ा-खड़ा भण्ड़ारे से निकलने वाली राशि की गणना होते देख सकता है। गौरतलब यह है कि इस ट्रस्ट में कई वर्षों से लाखों रूपए के घोटाले होते आए है।
इनका कहना :-
-जिला परिषद जिले की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था होती है। गत बैठक में जनप्रतिनिधियों के द्वारा ट्रस्ट की गतिविधियों में अनियमितता को लेकर पारित किए गए प्रस्ताव पर देवस्थान विभाग ने निर्देश जारी कर आय-व्यय पर निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगाने का कहा है, जिस पर हमने भीनमाल एसडीएम को निगरानी के लिए नियुक्त कर दिया है और इन निर्देशों की जानकारी ट्रस्ट के सचिव एवं अध्यक्ष को भी दे दी है।
-केवल कुमार गुप्ता जिला कलेक्टर, जालोर
-राज्य सरकार ने वित्तिय व्यवस्थाओं की पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाया है और अन्य बिंदुओं पर भी जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे जो सुंधा पर्वती य तीर्थ स्थल के विकास की राह सुदृढ होगी।
-रतन देवासी विधायक, रानीवाड़ा

Saturday, 23 April 2011

सौमरी माता मंदिर के लिए सीढिय़ों का निर्माण कार्य शुरू


रानीवाड़ा।
प्रसिद्ध सौमरी माता मंदिर का कायाकल्प होने जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर इस पर्वतीय तीर्थ स्थल को विकसित करने के लिए विधायक देवासी के प्रयासों ने रंग लाना शुरू कर दिया है। पर्वत पर स्थित मंदिर तक जाने के लिए सीढिय़ों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
सरपंच झमका कंवर ने बताया कि विधायक की अनुशंषा पर ग्राम पंचायत ने छ: लाख रूपए की लागत से सीढी निर्माण का कार्य शुरू किया है। इस कार्य के होने के बाद हर वर्ष सौमेरी माता के दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को मंदिर तक आने में सुगमता महसूस हो सकेगी। उन्होंनें बताया कि पर्वत पर स्थित प्राकृतिक तालाब में साल में 8 महिने जल का संग्रहण किया जाता है। आस्था के प्रतीक इस तालाब के दर्शनाथ भी काफी तादाद में श्रद्धालु दुर्गम रास्ता पार कर आते है। सीढी निर्माण होने के बाद इस प्राचीन मंदिर का विकास हो सकेगा। इस विषय को लेकर विधायक देवासी ने बताया कि सुंधामाता की बहिन माने जाने वाली सौमेरी माता तीर्थ का विकास करने में कोई कमी नही रखी जाएगी। सीढ़ी निर्माण का प्रथम चरण का कार्य शुरू करवा दिया गया है। द्वितीय चरण में इस कार्य को पूरा कराने में धन की कोई कमी आडे नही आएगी। पर्वत की तलहटी में नलकूंप स्थापित किया जाएगा तथा विद्युत कनेक्शन ने जोड़ा जाएगा। दानदाता व श्रद्धालुओं के सहयोग से भव्य प्रवेश द्वार एवं सामुदायिक सभा भवन का निर्माण भी किया जाएगा। पर्वत की तलहटी तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को कच्चा रास्ता पार कर जाना पड़ता था, उस जगह अब 52 लाख की लागत से डामर सड़क का कार्य भी प्रगति पर है।
तीर्थ स्थल का परिचय :- उपख्ंाड़ मुख्यालय से करीब १८ किलोमीटर चरपटिया गांव के पास यह ऐतिहासिक एवं प्राचीन तीर्थस्थल है। अरावली पर्वतमाला के इस पहाड़ का नाम सौमेरा होने के कारण इस देवी को सौमेरी माता के नाम से भी जाना जाता है। मां की प्रतिमा बिना धड़ के होने कारण इसे अधदेश्वरी भी कहा जाता है। सौमेरा पर्वत का पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से भी कम महत्व नहीं है। त्रिपुर राक्षस का वध करने के लिए आदि देव की तपोभूमि यहीं मानी जाती है। यह स्थान अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है तथा यही पर भारद्वाज ऋ षि का आश्रम भी बताया जाता है।
प्रभाव व श्रद्धालु:- राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से प्रतिवर्ष हजारों लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। साल में दो बार नवरात्रों के समय यहाँ नौ दिन मेले सा आयोजन होता है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट जाती है। हर माह के शुक्ल पक्ष की तेरस से पूर्णिमा तक मंदिर में अधिक दर्शानार्थी आते हैं। यह स्थान की प्राकृतिक छटा, मनोरम वातावरण, पर्वत पर फैली हरियाली, रेत के पहाड़ एवं कल-कल बहते झरने तथा आयुर्वेद की महत्वपूर्ण दुर्लभ जड़ी-बूटियों का भंडार को देखकर वर्तमान में यह किसी पर्यटक स्थल से कम नजर नहीं आता है। सौमेरीमाता मंदिर क्षेत्र को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने लिए राशि स्वीकृत करने के लिए लोगों ने विधायक रतन देवासी आभार जताया।

Saturday, 29 January 2011

दीक्षा तिथी की हुई घोषणा


रानीवाड़ा।
तहसील की दो जैन बालिकाएं दीक्षा ग्रहण करेगी। दीक्षा ग्रहण करने की तिथी की आज जैन आचार्य विजय हेम प्रभसूरीश्वर महाराज ने घोषणा की। समाजसेवी अशोक बोहरा ने बताया कि पंचेरी निवासी कुमारी करीश्मा हस्तीमल चौपड़ा 12 जुन को एवं रानीवाड़ा निवासी प्रिती सोनगरा ०५ जुन को दीक्षा ग्रहण करेगी। बोहरा ने बताया कि दीक्षा महोत्सव में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर दीक्षार्थियों के परिवार को सम्मानित किया जाएगा। महोत्सव में गच्छाधिपति गणिवर्य आचार्य श्री विजय हैम प्रभसूरीश्वर सहित कई साधु-साध्वि भाग लेंगे। दीक्षा महोत्सव की तैयारी शुरू कर दी गई है।
गौरतलब यह है कि जैनाचार्य वर्तमान में राधनपुर गुजरात में विराजमान है।

Thursday, 21 October 2010

गोशाला में शरदोत्सव कल से, तैयारियां जारी

रानीवाड़ा
निकटवर्ती केसुआ के पास गोधाम पथमेड़ा की ओर से संचालित श्रीमनोरमा गोलोक महातीर्थ नंदगांव में २२ व २४ अक्टूबर को गोभक्तों का अखिल भारतीय सम्मेलन स्वामी दत्तशरणानंद व बालव्यास राधाकृष्ण के सानिध्य में किया जाएगा। इस सम्मेलन में देशभर से संत-महात्मा व गोभक्त भाग लेंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हंै। इस बीच शुक्रवार को शरद पूर्णिमा की मध्यरात्रि बाद संस्था की ओर से पंचगव्य आरोग्य खीर की प्रसादी वितरीत की जाएगी। 

कामधेनु कल्याण परिवार की होगी बैठक : केसुआ के श्रीमनोरमा महातीर्थ में 23 अक्टूबर का राष्ट्रीय कामधेनु कल्याण परिवार के सदस्यों की अहम बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसमें दस हजार गोवंश के रहने की सुविधाओं, गोपालन के लिए जालोर व सिरोही जिलों के गांव-गांव, घर-घर में जनजागृति के प्रयास, कामधेनु विश्वविद्यालय की स्थापना व कामधेनु टीवी चैनल शुरू करने के प्रयासों में तेजी लाने के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

तीन दिन तक होंगे कार्यक्रम : गोधाम पथमेड़ा द्वारा नवगठित गोवत्स फाउंडेशन से जुड़े देश के गोभक्त 22 से 24 अक्टूबर तक नंदगांव में रहकर गोसेवा से ओत-प्रोत सत्संग एवं धार्मिक, आध्यात्मिक कार्यक्रमों में बाल व्यास राधाकृष्ण महाराज के सानिध्य में धर्मलाभ लेंगे। युवा गोभक्त प्रत्यक्ष रूप से गोसेवा करके लाभान्वित होंगे। इस आयोजन में शरीक होने के लिए गोभक्त नंदगांव में आना शुरू हो गए हंै। कार्यक्रम में यज्ञ, हिंदूधर्म शास्त्र, संध्यावंदन, भारतीय परिवेश, पूजा अनुष्ठान, शास्त्रीय संगीत सहित कई कई अनुभव प्राप्त कर सकेेंगे।

-शरदोत्सव व गोवत्स फाउंडेशन के तहत चलने वाले तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। देशभर से गोभक्त गुरुवार शाम को आना शुरू हो जाएंगे। केसुआ गांव में इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। गांव के लोग सहयोग कर धर्मलाभ ले रहे हैं।

-पूनम राजपुरोहित, 

Tuesday, 28 September 2010

गरबा नजदीक तैयारियों की बैठक

रानीवाड़ा. निकटवर्ती चिमनगढ़ में शिव शक्ति गरबा मंडल की बैठक संयोजक गोदाराम चौधरी के सानिध्य में हुई। जिसमें इस वर्ष भी गरबा आयोजन का निर्णय लिया गया। साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर मंडल के सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई। इस अवसर पर हिरालाल, जगाराम, भगराज, दिनेश जोशी, मफतलाल, करण, शिवलाल जोशी, कृष्ण कोदला सहित कई जने उपस्थित थे।

शांति के लिए किया यज्ञ(23.09.2010)

रानीवाड़ा ! कस्बे में स्थित चौधरी छात्रावास में बुधवार को आंजणा युवा मंडल के सौजन्य से सद्भावना शांति व प्रेम को लेकर यज्ञ का आयोजन किया गया। युवा मंडल के अध्यक्ष मताराम चौधरी ने बताया कि देश में कौमी एकता एवं सदभावना रखने को लेकर यज्ञ का आयोजन किया गया। मंडल उपाध्यक्ष पूरेश आंजणा ने न्यायालय के आदेश को सर्वोपरि मानते हुए सभी को उसकी पालना करने की अपील की। सचिव मुकेश चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमीचंद जैन, मुकेश चौधरी, सोमाराम चौधरी, लाखाराम, भबुताराम, रमेशकुमार, कानाराम, भावेश, नगाराम, नेथीराम, करणकुमार सहित कई जने उपस्थित थे।

Tuesday, 21 September 2010

नशा त्यागने का दिलाया संकल्प


रानीवाड़ा मानव शरीर में त्रिदोष से कई बीमारियां पैदा होती हंै। इन बीमारियों का इलाज हम सभी घर पर ही बिना अर्थ का नुकसान किए कर सकते हंै। यह बात योग ऋषि बाबा रामदेव ने कस्बे के खेल मैदान में आयोजित स्वाभिमान भारत अभियान की आम सभा में कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में ऐलोवीरा, गिरोहसत्व, तुलसी व आंवला के पेड़ लगाने से घर का माहौल पवित्र व सुखमय हो सकता है। बाबा ने कहा कि लौकी का ज्यूस पीने से शरीर निरोगी होता है। उन्होंने सभी को गाय का दूध पीने की सलाह दी। गाय के दूध से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। बच्चों में मानसिक विकार दूर होते हैं तथा स्मरण शक्ति पुष्ट होती है। आज समग्र देश की जनता एक वर्ष में बीमारियों पर करोड़ों रूपए खर्च कर रही है।

स्वाभिमान अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत की जनता को निरोगी बनाना है। एक ऐसा भारत जिसका प्रत्येक नागरीक स्वस्थ व आर्थिक रूप से सक्षम बने। इस मंशा को लेकर इस अभियान को समग्र राष्ट्र में चलाया जा रहा है। आम सभा में बाबा ने सभी जनों को नशा त्यागने को लेकर शपथ भी दिलाई। उन्होंने स्वदेशी अपनाओ का नारा लगाकर इस पर अमल करने की बात कही। बाबा ने विदेश की बैंकों में जमा काले धन को पुन: भारत में लाने के लिए राष्ट्र में जनजागृति कराने के लिए सभी जनों से सहयोग देने की अपील की। उन्होंनें कहा कि काला धन आने के बाद भारत के गांव में बसने वाला एक व्यक्ति भी आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेगा।

इससे पूर्व बाबा के रानीवाड़ा पहुंचने पर ग्रामवासियों ने जोरदार स्वागत किया। विधायक रतन देवासी ने शाल ओढ़ाकर व माला पहनाकर एवं सरपंच गोदाराम देवासी ने श्रीफल भेंट कर बाबा का स्वागत किया। 

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. जीसी डागा, दानदाता लेहरचंद जैन, एसडीएम कैलाशचंद्र शर्मा, तहसीलदार खेताराम सारण, पूर्व सरपंच लखमाराम चौधरी, प्रेमाराम चौधरी, पूर्व विधायक रतनाराम चौधरी, हरजीराम देवासी, गंगाराम खींचड़, परसराम ढाका, मंछाराम परिहार, सज्जनसिंह राव, राहुल वैष्णव, शेतानसिंह राव, अमृत जोशी, पारसमल जीनगर, आसूराम सैन व गणेश देवासी सहित कई जने उपस्थित थे।

सुरों की सरिता में बहे श्रद्धालु

रानीवाड़ा
कस्बे के रामदेव मंदिर में जलझूलनी एकादशी को लेकर शनिवार को भजन संध्या का आयोजन किया गया। कलाकार जोगभारती एंड पार्टी की ओर से देर रात तक एक से एक सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान काफी देर तक श्रोता जमे रहे। कई कलाकारों ने भजनों के साथ नृत्य कर संध्या में उपस्थित लोगों को रोमांचित किया। इस अवसर पर सरपंच गोदाराम देवासी, सज्जनसिंह राव, बलवंतसिंह डाभी, हड़मतसिंह व प्रकाशसिंह सहित कई जने उपस्थित थे।

Wednesday, 8 September 2010

गूंजे रामापीर के जयकारे

रानीवाड़ा! लोक देवता बाबा रामदेव को धोक लगाकर घर परिवार के कल्याण की कामना करने के लिए जिले से जातरुओं की पैदल यात्राएं शुरू हो गई हंै। जगह-जगह से जातरुओं के जत्थे रामदेवरा के लिए रवाना होने लगे हैं। जातरूओं में बाबा रामदेव के प्रति आस्था और विश्वास उनके उत्साह के साथ देखते बनता है। रास्ते में कई जगहों पर बाबा रामदेव के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। किसी के हाथ में सफेद रेशमी वस्त्र से बनी ध्वजा तो किसी के हाथ में गोटे व रंगीन सतरंगी वस्त्रों से बनी ध्वजा दिखाई देती है। कस्बे से भी मंगलवार को एक दल रामदेवरा के लिए रवाना हुआ। जिसमें काफी तादात में पैदल जातरूओं ने भाग लिया। जलाराम सेवा संस्थान के अध्यक्ष सज्जनसिंह राव ने बताया कि रानीवाड़ा मार्ग से रोजाना दो सौ से ज्यादा जातरू जलारामधाम के रामरसोडे पर विश्राम कर धर्मलाभ ले रहे हैं।

Saturday, 28 August 2010

क्षत्रिय युवक संघ का शिविर सम्पन्न

रानीवाड़ा
क्षत्रिय युवक संघ का प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर पतालेश्वर शिव मंदिर सेवाड़ा में सम्पन्न हुआ। इस चार दिवसीय शिविर में भाग ले रहे स्वयंसेवकों को जीवन जीने की प्रणाली को व्यवहार में उतारने को लेकर प्रशिक्षित किया गया। साथ ही युवाओं में देश प्रेम की भावना का संचार करते हुए आदर्श नागरिकता के बारे में बताया गया। 
शिविर प्रमुख महेंद्रसिंह गुजरावास ने क्षत्रिय के दायित्वों, संस्कार व मानव मात्र के प्रति संभाव के बारे में स्वयंसेवकों को बताया। शिविर में रानीवाड़ा, भीनमाल, सांचौर सहित आसपास के गांवों से ८० स्वयंसेवकों ने 
भाग लिया। मंडल प्रमुख फूलसिंह जाखड़ी ने बताया कि शिविर व्यवस्था तथा खान-पान सेवाड़ा गांव के लोगों द्वारा गई। शिविर के समापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

Wednesday, 11 August 2010

खोडेश्वर पर पहुंचे पर्यटक




 रानीवाड़ा
सावन में रिमझिम-रिमझिम फुहारों के बीच चारों ओर हरीतिमा से आच्छादित पहाडिय़ों पर इन दिनों पर्यटर आने लगे हैं। रविवार को छुट्टि का दिन होने से क्षेत्र के पहाड़ों और झरनों पर लोगों की अच्छी भीड़ उमड़ी।

पर्यटकों की यह जोरदार आवजाही सुंधांचल के खोडेश्वर महादेव तीर्थ पर देखी गई। जहां दिन भर मेला सा लगा रहा। इतना ही नहीं यहां प्रकृति को नजदीक से देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी पहुंचे। इस मंदिर के चारों और पहाड़ों पर इन दिनों प्राकृतिक छटा की जितनी तारीफ करें उतनी कम है। कई नयनाभिराम झरने बारिश की फुहारों के साथ ही परवान चढऩे लगे हंै। 

जाविया ब्लाक के लगायत सुंधा पर्वत के झरने तक सभी जीवंत हो उठे है। इकोप्वाइंट से खोडेश्वर घाटी का विहंगम नजारा और बादलों की ओट में छुपे पहाड़ों को देखना बेहद नयनाभिराम है। ये सभी स्थल घने वृक्षों से 
घिरे है और जंगल में है। पर्वतीय घाट की चट्टानों से सर्पीले आकार में बहते पानी से निकलने वाली संगीतमय ध्वनि तो अच्छी लगती ही है साथ ही दृश्य भी मनोरम हो चला है। सुंधामाताजी के झरने की तरह खोडेश्वर घाट का जल प्रपात दूर से ही आकर्षित करने लगा है।

चारों ओर खुशनुमा माहौल

रिमझिम फुहारों का मनभावन मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे खुशनुमा माहौल में ऐसा कौन शख्स होगा जो अपने घर में कैद होकर बैठना चाहेगा। बारिश की झड़ी जहां हर व्यक्ति को पानी में भीगने का आनंद लेने के लिए उकसा रही है, वहीं मन-मयूर भी प्रकृति के निकट पहुंचकर उसकी सुंदर छटा में खो जाने को अधीर व लालायित है। भीगे मौसम में जब प्रकृति ने हरियाली की मोहक चूनर ओढ़ ली है तब आसपास के प्राकृतिक, धार्मिक और पुरा-महत्व के रमणीय स्थल सैर-सपाटे की दावत देकर अपनी तरफ आकर्षित कर रहे है।

Sunday, 8 August 2010

राम रसोड़े का शुभारंभ कल

रानीवाड़ा।
उपखंड मुख्यालय पर स्थित जलाराम धाम में रामदेवरा समेत अनेक धार्मिक स्थलों पर जाने वाले पेदल जातरूओं के लिए रामरसोडे का शुभारंभ कल सोमवार 9 अगस्त को विधायक रतन देवासी के हाथो से किया जाएगा। जय जलाराम सेवा समिति के अध्यक्ष सज्जनसिंह राव ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा रामदेवरा, सुंधामाता, माता राणी भटियाणी जसोल, शिकारपुरा आश्रम, आशापुरीमाता मोदरान, क्षेमकरी माता बगस्थलीमाता भीनमाल, खेतेश्वर धाम आसोतरा आदि धार्मिक स्थलों पर पैदल जाने वाले जातरूओं के लिए समिति द्वारा नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था, नाश्ता, चाय, प्राथमिक उपचार के साथ ही रात्री विश्राम की सुविधा उपलब्ध की जाएगी। इस दौरान कई तरह की धार्मिक गतिविधिया, भजन, सुदंरकांड के पाठ के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाऐंगे। राम रसोड़े के सफल संचालन को लेकर धाम से जुड़े अनेक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों सौंपी गई है।

Sunday, 1 August 2010

भंडारा कल

रानीवाड़ा ! निकटवर्ती जेतपुरा गांव की धरणीधर गोशाला में ब्रह्मलीन संत विश्वश्वरानंद ब्रह्मचारी महाराज का भंडारा रविवार को आयोजित होने जा रहा है। मंहत रेवानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि भंडारा कार्यक्रम के तहत शनिवार रात भजन संध्या व रविवार को ब्रह्म भंडारे का आयोजन होगा। इस अवसर पर रामकृष्णानंद ब्रह्मचारी अमरकंठक, गोपालानंद ब्रह्मचारी बैलखा, मोरारी चैतन्य ब्रह्मचारी नाभा पंजाब, गोविंदनंद ब्रह्मचारी मुंबई, अचुत्यानंद ब्रह्मचारी जुनागढ़, आनंद चैतन्य ब्रह्मचारी बागडिय़ा पंजाब, कैलाशानंद ब्रह्मचारी हरिद्वार, जयदेव स्वयरूप ब्रह्मचारी नायका, दिव्य स्वरूप ब्रह्मचारी गुजरात व संतोषानंद ब्रह्मचारी चंडीखोड़ उड़ीसा सहित कई संत महात्मा भाग लेंगे

Sunday, 25 July 2010

गुरू पूर्णिमा का कार्यक्रम पथमेड़ा में

रानीवाड़ा।
गोधाम पथमेड़ा के संस्थापक परम पूजनीय स्वामी श्री दत्तशरणानंद महाराज गुरू पूर्णिमा के दिन पथमेड़ा गोशाला के कार्यक्रम में भाग लेंगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता पुनम राजपुरोहित ने बताया कि गुरू पूर्णिमा को लेकर गोधाम पथमेड़ा में भव्य कार्यक्रम रखा गया है। समग्र देश से गोभक्त इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। स्वामीजी इस अवसर पर गोभक्तों को गुरू महिमा को लेकर प्रवचन देंगे।
उन्होंने बताया कि गोधाम पथमेड़ा का मुख्यालय ब्रजअभिनव मंडल में स्थानांतरण करने की प्रक्रिया जारी है। स्थानांतरण के बाद गोधाम पथमेड़ा की समस्त गतिविधियां केसुआ से ही संचालित की जाएगी।

गुरू की महिमा अपरंपार - राजभारती

रानीवाड़ा।
कस्बे के समीपवर्ती कालिका मंदिर में गुरू पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर प्रवचन देते हुए राजभारती महाराज ने कहा कि प्राचीन काल में जब विद्यार्थी गुरु के आश्रम में नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण करता था तो इसी दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित होकर अपने गुरु का पूजन करके उन्हें अपनी शक्ति सामर्थ्यानुसार दक्षिणा देकर कृतकृत्य होता था। आज भी इसका महत्व कम नहीं हुआ है। पारंपरिक रूप से शिक्षा देने वाले विद्यालयों में, संगीत और कला के विद्यार्थियों में आज भी यह दिन गुरू को सम्मानित करने का होता है। मंदिरों में पूजा होती है, पवित्र नदियों में स्नान होते हैं, जगह जगह भंडारे होते हैं और मेले लगते है।
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में गु का अर्थ अंधकार या मूल अज्ञान और रु का अर्थ उसका निरोधक कहा गया है। अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को गुरु कहा जाता है। गुरु तथा देवता में समानता के लिए एक श्लोक में कहा गया है कि जैसी भक्ति की आवश्यकता देवता के लिए है वैसी ही गुरु के लिए भी है। इस अवसर पर हरिसिंह केसुआ, मंछाराम परिहार, अंबालाल जीनगर, पारसमल जीनगर, राहुल वैष्णव, छेलाराम, अर्जुन राठौड़ सहित कई संत महात्माओं ने भाग लिया। राजभारती महाराज आज गुरू पूर्णिमा केसुआ आश्रम में मनाएंगे।

आंजणा समाज की बैठक सम्पन्न

रानीवाड़ा।
कस्बे के चौधरी समाज छात्रावास में आज रविवार को आंजणा युवा मंडल की बैठक का आयोजन रखा गया है। मंडल अध्यक्ष रमेश चौधरी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज सुधार, बालिका शिक्षा, सामाजिक कुरितियों को मिटाने रखा गया है। बैठक में नवीन कार्यकारिणी के गठन को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा।

Thursday, 15 July 2010

धार्मिक साहित्य की स्टॉल शुरू

रानीवाड़ा!14.07.2010
 पवित्र ग्रंथ यथार्थ गीता को लेकर स्वामी अडगडानंद महाराज का साहित्य अब कस्बे में उपलब्ध हो सकेगा। यहां सांचोर रेलवे क्रासिंग के सामने यथार्थ गीता स्टॉल का शुभारंभ एसडीएम कैलाशंचंद्र ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वामी के द्वारा रचित दुर्लभ साहित्य की उपलब्धता से धर्मप्रेमी लोगों को आसानी हो सकेगी। फुलसिंह जाखड़ी ने बताया कि श्रीमद् भागवत गीता पर स्वामीजी ने 14 हजार से अधिक टीकाएं लिखी हंै। इस अवसर पर पुरेश पटेल, जयराम पुरोहित, मदनलाल माहेश्वरी, मुकेशकुमार ग्रामसेवक, पारसमल ग्रामसेवक, जवानसिंह सहित कई जने मौजूद थे।

Monday, 21 June 2010

छठी का आयोजन

रानीवाड़ा ! अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज की छठी की प्रसादी का आयोजन रविवार को जूमा मस्जिद में किया गया। इस अवसर पर जिले के कई जगहों से आए मौलवियों ने मिराज की तकरीर की। इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक रीति रिवाजों के बारे में लोगों को बताया। इस अवसर पर हुसैनभाई मिस्त्री, कालुभाई मुसला, रहमानभाई मुसला, छोटुभाई, वल्लुभाई, यासिनभाई, फिरोजभाई सहित कई मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया।

खत्री समाज का वार्षिकोत्सव शुरू

रानीवाड़ा ! अखिल भारतीय ब्रह्मक्षत्रिय खत्री समाज का वार्षिक उत्सव रविवार को हिंगलाज मंदिर में शुरू हुआ। हर वर्ष की भांति दो दिन तक आयोजित होने वाले इस वार्षिक उत्सव में हजारों की तादाद देश भर के खत्री समाज के लोगों भाग लिया। रविवार को महोत्सव के दौरान हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें यजमानों ने यज्ञ में आहुतियां देकर देश में सुख समृद्धि की कामना की। शाम को कस्बे में समाज के लोगों ने वरघोड़ा निकाला। सोमवार को अखिल भारतीय ब्रह्मक्षत्रिय समाज की कार्यकारिणी की बैठक होगी। जिसमें सालभर करवाए गए समाज के विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक आयोजित

रानीवाड़ा ! कस्बे में आज गर्ग समाज युवा समिति की बैठक मसराराम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न सामाजिक समस्याओं, चेतना, शिक्षा, संगठन सहित कई विषयों पर विचार विमर्श किया गया। इस अवसर पर अशोककुमार जालेरा खुर्द, अशोककुमार हिरपुरा, जबराराम, दिनेशकुमार, सुमेरकुमार, बाबुलाल जाखड़ी सहित कई लोगों ने भाग लिया