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रतनपुर में गाय पर हमला करने वाले युवक गिरफ्तार, रानीवाडा उपखंड की ताजा खबरों के आपका स्वागत।।

Wednesday, 13 July 2011

देवपुरा में बनेगा बालिका छात्रावास

 रानीवाड़ा 
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की तर्ज पर अब उच्च माध्यमिक कक्षाओं में भी बालिकाओं को आवास, भोजन व नि:शुल्क शिक्षा की सुविधा मुहैया हो सकेगी। माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं के आवासीय भवन निर्माण के लिए 38 लाख रुपए की स्वीकृति जारी हो गई है। माध्यमिक शिक्षा बालिका छात्रावास भवन निकटवर्ती देवपुरा की ढाणी में संस्कृत विद्यालय के पास बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि बालिकाओं को पढ़ाई-के लिए एक ही परिसर में सुविधा मिल सके। भवन निर्माण के लिए बाकायदा निविदा भी जारी हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि निकटवर्ती जालेरा कलां गांव में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छठी से आठवीं तक की छात्राओं के लिए ऐसी ही निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। अब तक कस्तूरबा स्कूल से आठवीं उत्तीर्ण कर निकली छात्राओं के परिजनों को बच्चियों की आगे की पढ़ाई-के लिए अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ रही थी। इससे कई-कम आय वाले कई-परिवारों की बच्चियों की शिक्षा आठवीं के बाद बीच में ही छूट जाती थी।


कस्तूरबा स्कूल जालेरा में प्रवेश शुरू : कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल जालेरा कलां में कुल एक सौ बालिकाओं के रहने, खाने व शिक्षा की व्यवस्था है। इस वर्ष 60 बालिकाओं के ही दाखिले हो पाए हैं, ऐसे में यहां अभी 40 बालिकाओं की दरकार है। स्कूल में प्रवेश के लिए सीटीएस सर्वे 2010-11 के अनुसार ड्रॉप आउट व अनामांकित बालिकाएं व पूर्व मेंं संचालित गैर आवासीय व आवासीय ब्रिज कोर्स-या विशेष प्रशिक्षण प्राप्त बालिकाएं पात्र हैं। उम्र के हिसाब से भी बालिकाओं को प्रवेश दिया जाता है, 11वर्ष की बालिका को कक्षा छठी में, 12वर्ष की बालिका को 7वीं में एवं13 वर्ष की बालिका को 8वीं में प्रवेश दिया जाता है। इन बालिकाओं को उस कक्षा के स्तर की पढ़ाई करवाकर तैयारी करवाई जाती है।


अगले साल मिलेंगी सुविधाएं 
सीनियर गल्र्स के आवासीय भवन बनाने के लिए अभी 38 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। भवन में तीन बड़े आवासीय कक्ष, एक क्लास रूम, वार्डन कक्ष और डायनिंग हॉल आदि का निर्माण होगा। इस वर्ष भवन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि अगले सत्र से बालिकाओं को सुविधा मुहैया हो सके। अरणाय व पूनासा में सीनियर गल्र्स के लिए भवन गत वर्ष बनकर तैयार हो गए थे, जिनमें इस वर्ष से प्रवेश देने की प्रकिया चल रही है।

Preवेश में केजीबी की छात्राओं को प्राथमिकता दी जा रही है। सीटें रिक्त रहने पर अन्य वर्ग की बालिकाएं भी इस छात्रावास में प्रवेश ले सकती हैं। भवन के लिए निविदा जारी हो चुकी है। तहसीलदार ने देवपुरा की ढाणी के पास 1.25 बीघा जमीन आवंटित कर दी है। यह रमसा योजना के तहत संचालित किया जाएगा।

दलपतसिंह Oपावत, अतिरिक्त परियोजना अधिकारी, जालोर
 

Sunday, 3 July 2011

जिला परिषद सदस्य करेंगे पेयजल पर निगरानी


रानीवाड़ा . क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर अब जिला परिषद सदस्यों की नजर रहेगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी एसडीएम को पत्र लिखकर इस संबंध में कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत जिला परिषद सदस्यों को भी कमेटी में सदस्य बनाने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक मई माह में आयोजित जिला परिषद की बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने जिले में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने के बाद भी पेयजल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करवाया था। ऐसे में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जलदाय कर्मियों की कार्यशैली पर मॉनिटरिंग के लिए 3 सदस्यों की कमेटी गठित करवाने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत एसडीएम, पीएचईडी का सहायक अभियंता एवं संबंधित जिला परिषद सदस्य इस कमेटी का मेंबर होगा। यह कमेटी क्षेत्र में पानी की समस्या आने पर उस क्षेत्र का भ्रमण कर जलदाय कर्मियों या अन्य पेयजल संबंधित समस्याओं की देख-रेख करेगी। जिला परिषद सदस्या ललिता बोहरा ने बताया कि जिला प्रशासन का निर्णय आम जनता के पक्ष में हैं।

Wednesday, 29 June 2011

जालेराकलां में बनेगी नई मंडी

किसानों को नहीं जाना पड़ेगा गुजरात, चार दीवारी एवं चैक पोस्ट निर्माण के लिए 53 लाख रुपए की स्वीकृति 
रानीवाड़ा 
जिला प्रशासन ने रानीवाड़ा में स्वतंत्र कृषि उपज मंडी की कवायद शुरू कर दी है। तहसीलदार ने कृषि मंडी के लिए जालेरा कलां में भूमि का चयन कर ग्राम पंचायत को राशि का भुगतान भी कर दिया है। चार दीवारी एवं चैक पोस्ट निर्माण के लिए 53 लाख रुपए की स्वीकृति भी मिल गई है। इस मंडी का फायदा किसानों को होगा। अब वे गुजरात की बजाय इस मंडी में अपने जींस की बिक्री कर ज्यादा लाभ अर्जित कर सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक, जिले में रानीवाड़ा तहसील में प्रचुर मात्रा में भू-जल संपदा होने से यहां पर एक साल में तीन फसलें किसान लिया करते हैं। जिले में कृषि विपणन व्यवस्था सुव्यवस्थित नहीं होने के कारण अधिकतर किसान अपनी फसल को गुजरात की मंडियों में बिक्री के लिए ले जाते हैं। गत विधानसभा चुनावों में वर्तमान विधायक रतन देवासी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में रानीवाड़ा की गौण मंडी को भीनमाल मंडी से अलग कर संपूर्ण मंडी का दर्जा देने का वादा किया था। जिसके बाद यह कवायद की जा रही है।
संपूर्ण मंडी होगी जालेरा में 
वर्तमान में रानीवाड़ा उपखंड पर गौण मंडी संचालित की जा रही है, परंतु पर्याप्त मात्रा में किसानों एवं व्यापारियों के लिए सुविधाएं नहीं होने के कारण मंडी को अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो रही है, जबकि जिले की सर्वाधिक पैदावार रानीवाड़ा क्षेत्र में ही होती है। विधायक के प्रयासों से उपखंड प्रशासन ने संपूर्ण मंडी के लिए कस्बे से तीन किलोमीटर दूर सांचौर सड़क मार्ग पर जालेरा कलां गांव में 4.84 हैक्टेयर जमीन का चयन किया। इस जमीन को डी.एल.सी. की दर पर भीनमाल मंडी ने खरीद कर 8.14 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है। भीनमाल मंडी के सचिव हरी राम जोशी ने गत 21 जून को तहसीलदार खेताराम राणा एवं ग्राम पंचायत के सरपंच रेवाराम भील से बाकायदा कब्जा भी ले लिया है। अब इस जमीन की एक दो दिनों में सफाई शुरू हो जाएगी। इसके बाद यहां चार दीवारी का कार्य करवाया जाएगा। बाद में सुव्यवस्थित एवं सुनियोजित ढंग से आधुनिक मार्केट यार्ड, चैक पोस्ट, कार्यालय, पेयजल व्यवस्था के लिए उच्च जलाशय, किसान भवन एवं गोदाम का निर्माण किया जाएगा।
जरूरत है कोल्ड स्टोरेज की 
रानीवाड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आलू, प्याज और टमाटर सहित कई प्रकार की सब्जियों की पैदावार होती है, परंतु स्टोरेज की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान कम मूल्य में अपनी पैदावार बेच देते हैं। रानीवाड़ा से 70 किलोमीटर दूर गुजरात के डीसा शहर में 50 से ज्यादा कोल्ड स्टोरेज बने हुए हैं। उसी की तर्ज पर रानीवाड़ा क्षेत्र में भी कृषि मंडी परिसर में कोल्ड स्टोरेज की जरूरत है, ताकि किसान टमाटर पर आलू लंबे समय तक कोल्ड स्टोरेज में रखकर ज्यादा मुनाफा कमा सके।

Friday, 24 June 2011

सुंधा ट्रस्ट पर सरकारी साया


रानीवाड़ा। 
प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री सुंधामाता ट्रस्ट पर अब सरकारी साया पडने वाला है। देवस्थान विभाग उदयपुर ने ट्रस्ट की आय-व्यय की निगरानी के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर ट्रस्ट को प्राप्त होने वाली राशि की गणना में पारदर्शिता एवं नियमितता को लेकर अधिकृत किया है।
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान, गुजरात सहित देश के कई राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बने श्री सुंधामाता तीर्थ को संचालित करने वाले श्री चामुण्ड़ा माताजी मंदिर ट्रस्ट में पिछले कई वर्षों से अनियमितताए एवं धांधली की शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों को लेकर गत जिला परिषद की बैठक में विधायक रामलाल मेघवाल ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिसका अनुमोदन सदन ने सर्व सम्मति से पारित कर ट्रस्ट की गतिविधियों एवं आय-व्यय में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखकर रिसीवर लगाने का निवेदन किया था। जिला कलेक्टर ने जिला परिषद के इस प्रस्ताव को क्रियान्वयन करने के लिए राज्य सरकार को भेजा जहांं से सरकार की सकारात्मक टिप्पणी के साथ देवस्थान विभाग उदयपुर को पत्र प्रेषित किया गया है। जिस पर देवस्थान विभाग ने 10 जून को जिला कलेक्टर जालोर को पत्र प्रेषित कर श्री चामुण्ड़ा माताजी ट्रस्ट, सुंधापर्वत, दांतलावास तहसील भीनमाल में प्रशासनिक अधिकारी को नियुक्त कर पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिस पर जिला कलेक्टर के.के. गुप्ता 21 जून को नए निर्देश जारी कर श्री चामुण्ड़ा माताजी ट्रस्ट सुंधापर्वत में प्राप्त होने वाली राशि की गणना में पारदर्शिता एवं नियमितता के परिपेक्ष्य में मंदिर के भण्ड़ार तथा अन्य प्राप्त होने वाली भेंट राशि की गणना के लिए उपखंड अधिकारी, भीनमाल को मनोनित कर राज्य सरकार के निर्देशों की पालना करने के लिए पांबद किया है।
क्या है निर्देश :- सुंधामाता तीर्थ पर प्रतिमाह लाखों रूपए एवं सोने चांदी के गहनों की आवक होती है। अब नए निर्देशों के तहत ट्रस्ट के द्वारा संचालित भण्ड़ार को माह में एक बार निश्चित तिथि को एसडीएम के समक्ष खोला जाएगा। भण्ड़ार खोलने पर उसमें प्राप्त होने वाली राशि एवं अन्य सामग्री का लेखा-जोखा एसडीएम के समक्ष संधारित किया जाएगा। पूरा विवरण प्रत्येक माह मंदिर के पास ट्रस्ट कार्यालय के बाहर नोटिस बोर्ड पर एवं उपखंड कार्यालय भीनमाल में चस्पा किया जाएगा, ताकि कोई भी श्रद्धालु ट्रस्ट की आय-व्यय को पारदर्शिता पूर्वक देख सके। इसी तरह मंदिर के नाम पर काटी जाने वाली रसीदों एवं दी जाने वाली भैंटों अर्थात गहनों का हिसाब-किताब इसी दिन एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसका सम्पूर्ण लेखा-जोखा नोटिस बोर्ड पर लगाना आवश्यक माना गया है। साथ ही ट्रस्ट की गतिविधियों, आय-व्ययों की जानकारी सहित नए होने वाले कार्यों की मासिक रिपोर्ट जिला कलेक्टर को प्रेषित करनी आवश्यक होगी।
क्या होगी भावी कार्यक्रम :- प्रशासनिक हल्कों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा की तर्ज पर श्री सुंधामाता मंदिर का संचालन राज्य सरकार देवस्थान विभाग को सौंपेगा। इससे पूर्व प्रत्येक माह की निश्चित तिथि को एसडीएम के समक्ष खुलने वाले भण्ड़ारे में से निकलने वाली दान राशि एवं भैंट की गणना के लिए विडियों केमेरे एवं सीसी टी.वी. केमेरे लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी श्रद्धालु मंदिर के बाहर भी खड़ा-खड़ा भण्ड़ारे से निकलने वाली राशि की गणना होते देख सकता है। गौरतलब यह है कि इस ट्रस्ट में कई वर्षों से लाखों रूपए के घोटाले होते आए है।
इनका कहना :-
-जिला परिषद जिले की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था होती है। गत बैठक में जनप्रतिनिधियों के द्वारा ट्रस्ट की गतिविधियों में अनियमितता को लेकर पारित किए गए प्रस्ताव पर देवस्थान विभाग ने निर्देश जारी कर आय-व्यय पर निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगाने का कहा है, जिस पर हमने भीनमाल एसडीएम को निगरानी के लिए नियुक्त कर दिया है और इन निर्देशों की जानकारी ट्रस्ट के सचिव एवं अध्यक्ष को भी दे दी है।
-केवल कुमार गुप्ता जिला कलेक्टर, जालोर
-राज्य सरकार ने वित्तिय व्यवस्थाओं की पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाया है और अन्य बिंदुओं पर भी जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे जो सुंधा पर्वती य तीर्थ स्थल के विकास की राह सुदृढ होगी।
-रतन देवासी विधायक, रानीवाड़ा

Monday, 23 May 2011

मालवाड़ा में राजनैतिक बवाल, कार्य पर तोडफ़ोड


रानीवाड़ा।
मालवाड़ा कस्बे में मुख्य बस स्टेण्ड़ पर सौंदर्यकरण को लेकर विधायक रतन देवासी के प्रयासों से एवं दानदाता परिवार के सौजन्य से हो रहे निर्माण कार्यों ने राजनीति का रूप ले लिया है। एक तरफ विधायक के समर्थक किसी भी सूरत में उक्त निर्माण कार्य को जारी रखने की जिद कर रहे है, वही दूसरी ओर मालवाड़ा के ग्रामीण उक्त निर्माण कार्यों को अतिक्रमण का रूप देकर रूकवाने के प्रयास में लगे हुए है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार मौके का मुआयना भी किया एवं स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास भी किया, फिर भी राजनैतिक दखल के चलते यह कार्य विवाद का रूप ले रहा है।
जानकारी के मुताबिक, भामाशाहों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध मालवाड़ा कस्बे में कई वर्षों पूर्व दानदाता परिवार आरके माधाणी ने बस स्टेण्ड़ के पास अपने निजी खेत में केसर बाग की स्थापना कर कस्बा वासियों एवं मवेशियों के लिए निशुल्क पानी की व्यवस्था शुरू की थी, जो अभी भी जारी है। केसर बाग के पास भी ग्राम पंचायत की भूमि में दानदाता परिवार के द्वारा मुत्रालय एवं पशुओं के पीने के लिए अवाड़ा बनाया गया था। कई वर्षों बितने के बाद मुत्रालय एवं अवाड़ा क्षतिग्रस्त हालत में होने की वजह से ग्रामीणों की मांग पर दानदाता परिवार से इस स्थल पर नया मुत्रालय एवं अवाड़ा निर्माण सहित १५० फूट लंबी इंटरलोकिंग पक्की पट्टी बनाने पर सहमति जताई। इस कार्य को लेकर पंचायत ने दानदाता परिवार को इजाजत भी दे दी। कुछ दिनों पूर्व दानदाता परिवार के द्वारा निर्माण कार्य शुरू करवाया गया, परंतु गांव की राजनीति के चलते ग्रामीणों ने उसे अवैध अतिक्रमण का मामला मानते हुए विरोध दर्ज करवाना शुरू कर दिया। कई ग्रामीण निर्माण कार्य को रूकवाने के लिए कार्यवाहक एसडीएम के समक्ष पेश भी हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौका मुआवना भी किया। कई ग्रामीणों के बयान लिए, उक्त कार्य कस्बे के सौंदर्यकरण में सहायक होने एवं जनहित का प्रतित होने पर उन्होंनें निर्माण कार्य को जारी रखने के आदेश दिए। शनिवार दोपहर के बाद गांव के कुछ लोगों ने निर्माण स्थल पर पहुंच कर वहां कार्य कर रहे लोगों को भगा दिया एवं निर्माण कार्य के साथ तोडफ़ोड भी की। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस भी मौके पर पहुंची। तथा समझाईस कर मामला शांत करवाया।
मालवाड़ा सरपंच दीवालीदेवी भील ने बताया कि ९ दिसम्बर 2010 को दानदाता परिवार ज्ञानचंद रूपचंद माधाणी ने जनहित को देखते हुए उक्त स्थल पर आरआई भवन से केसरबाग तक इंटरलोकिंग टाईल्स लगवाने, ट्रिगार्ड, पूराने लोहे के बने चबुतरे की जगह नया भवन बनवाने एवं महिला व पुरूषों के लिए अलग-अलग मुत्रालय बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। जिस पर ग्रामपंचायत की बैठक में आमसहमति बनने में पंचायत से निर्माण कार्य शुरू करवाने की अनापत्ती जारी की थी। कार्य जनहित में एवं गांव की सुंदरता बढ़ाने के लिए हो रहा है।
दूसरी ओर समाजसेवी हरीशचंद्रसिंह देवल ने बताया कि उक्त स्थल सार्वजनिक है, जिस पर पशुओं के पीने के लिए अवाड़ा बना हुआ है, यही पर गांव की मवेशियों के लिए कई लोग चारा भी डालते है। इस जगह पक्का निर्माण होने से अतिक्रमण का भय है। इस स्थल पर नए निर्माण की गांव को फिलहाल कोई जरूरत नही है। यदि निर्माण कार्य नही रूकवाया गया तो मालवाड़ा गांव के लोग कड़ा विरोध जताएंगे।
इस विवाद के चलते दोनों गुु्रपों में तनातनी देखी जा रही है। मूंछ का बाल बने इस कार्य को विधायक एवं दानदाता परिवार किसी भी सूरत में पूरा करवाना चाहते है। वही अन्य ग्रामीण काम को रूकवाने के कार्य में लगे हुए है। सभी जगह इस विवाद के बारे में लोग चर्चा करते नजर आ रहे है।

Saturday, 23 April 2011

कांग्रेस ने की शहर में विकास की पहल


रानीवाड़ा।
विधायक रतन देवासी ने कहा है कि रानीवाड़ा कस्बे के विकास की पहल कांग्रेस ने की है। देवासी कस्बे में डीवाइडर निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्रसिंह, पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल, प्रदेश कांग्रेस सचिव पुखराज पाराशर भी मौजूद थे। उन्होंने भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से लम्बित जन समस्याओं का समाधान कांग्रेस की सरकार ने किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जन समस्याओं के निराकरण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। देवासी ने कहा कि गत दो वर्ष में कस्बे में विकास के प्रयास किए किए गए हैं। सरपंच गोदाराम देवासी ने विधायक की ओर से करवाए गए सभी विकास कार्यो की चर्चा की गई।

पीएचसी की कमान अब बीडीओ को


रानीवाड़ा।
क्षेत्र में अब स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशासनिक व वित्तिय प्रबंधन विकासअधिकारी के हाथों में रहेगा। ऐसे निर्देश राज्य सरकार ने जारी किए है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अब किसी भी काम के लिए पंचायत समिति के विकास अधिकारी की सहमति लेनी होगी। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर गठित राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की कमान सम्बंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी के हाथ में होगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर यह आदेश प्रभावी नही होंगे।
राज्य सरकार ने इस सम्बंध में जारी आदेश में कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्वास्थ्य सेवाएं पंचायतराज विभाग को स्थानान्तरित कर दी गई है। इसे देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की कार्यकारिणी का पुनर्गठन कर विकास अधिकारी को अध्यक्ष, सरपंच उपाध्यक्ष, स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्साधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। पूर्व में सोसायटी अध्यक्ष ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी था। ऐसे सरकारी फरमान से दोनों विभागों में असंतोष पनपने के आसार दिखाई देने लगे है।
अनावश्यक होगा विलंब:- अब विभागीय कार्य में छोटे-मोटे खर्च की स्वीकृति के लिए चिकित्साधिकारी को पंचायत समिति जाना होगा। इससे कार्य में अनावश्यक विलंब होगा। हर कार्य के लिए विकास अधिकारी का इंतजार करना होगा। वहीं राशि का व्यय भी आसान नहीं होगा। समिति में अभी ६ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जो कि २५ से ३० किमी दूर है। दैनिक कार्यो के लिए पंचायत समिति कार्यालय में आना उनके लिए सिरदर्द जैसा होगा। सेवाएं भी प्रभावित होने के आसार है।
निर्देश की पालना:- हमने निर्देश की पालना करते हुए राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी का गठन करने के निर्देश सभी पीएचसी प्रभारियों को भेज दिए है। इनमें विकास अधिकारी को अध्यक्ष व सरपंच को उपाध्यक्ष बनाया जाएगा।  पहले बीसीएमओ अध्यक्ष होते थे। उपाध्यक्ष पद नया सृजित हुआ है।
-डॉ.आत्माराम चौहान, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रानीवाड़ा

सौमरी माता मंदिर के लिए सीढिय़ों का निर्माण कार्य शुरू


रानीवाड़ा।
प्रसिद्ध सौमरी माता मंदिर का कायाकल्प होने जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर इस पर्वतीय तीर्थ स्थल को विकसित करने के लिए विधायक देवासी के प्रयासों ने रंग लाना शुरू कर दिया है। पर्वत पर स्थित मंदिर तक जाने के लिए सीढिय़ों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
सरपंच झमका कंवर ने बताया कि विधायक की अनुशंषा पर ग्राम पंचायत ने छ: लाख रूपए की लागत से सीढी निर्माण का कार्य शुरू किया है। इस कार्य के होने के बाद हर वर्ष सौमेरी माता के दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को मंदिर तक आने में सुगमता महसूस हो सकेगी। उन्होंनें बताया कि पर्वत पर स्थित प्राकृतिक तालाब में साल में 8 महिने जल का संग्रहण किया जाता है। आस्था के प्रतीक इस तालाब के दर्शनाथ भी काफी तादाद में श्रद्धालु दुर्गम रास्ता पार कर आते है। सीढी निर्माण होने के बाद इस प्राचीन मंदिर का विकास हो सकेगा। इस विषय को लेकर विधायक देवासी ने बताया कि सुंधामाता की बहिन माने जाने वाली सौमेरी माता तीर्थ का विकास करने में कोई कमी नही रखी जाएगी। सीढ़ी निर्माण का प्रथम चरण का कार्य शुरू करवा दिया गया है। द्वितीय चरण में इस कार्य को पूरा कराने में धन की कोई कमी आडे नही आएगी। पर्वत की तलहटी में नलकूंप स्थापित किया जाएगा तथा विद्युत कनेक्शन ने जोड़ा जाएगा। दानदाता व श्रद्धालुओं के सहयोग से भव्य प्रवेश द्वार एवं सामुदायिक सभा भवन का निर्माण भी किया जाएगा। पर्वत की तलहटी तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को कच्चा रास्ता पार कर जाना पड़ता था, उस जगह अब 52 लाख की लागत से डामर सड़क का कार्य भी प्रगति पर है।
तीर्थ स्थल का परिचय :- उपख्ंाड़ मुख्यालय से करीब १८ किलोमीटर चरपटिया गांव के पास यह ऐतिहासिक एवं प्राचीन तीर्थस्थल है। अरावली पर्वतमाला के इस पहाड़ का नाम सौमेरा होने के कारण इस देवी को सौमेरी माता के नाम से भी जाना जाता है। मां की प्रतिमा बिना धड़ के होने कारण इसे अधदेश्वरी भी कहा जाता है। सौमेरा पर्वत का पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से भी कम महत्व नहीं है। त्रिपुर राक्षस का वध करने के लिए आदि देव की तपोभूमि यहीं मानी जाती है। यह स्थान अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है तथा यही पर भारद्वाज ऋ षि का आश्रम भी बताया जाता है।
प्रभाव व श्रद्धालु:- राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से प्रतिवर्ष हजारों लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। साल में दो बार नवरात्रों के समय यहाँ नौ दिन मेले सा आयोजन होता है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट जाती है। हर माह के शुक्ल पक्ष की तेरस से पूर्णिमा तक मंदिर में अधिक दर्शानार्थी आते हैं। यह स्थान की प्राकृतिक छटा, मनोरम वातावरण, पर्वत पर फैली हरियाली, रेत के पहाड़ एवं कल-कल बहते झरने तथा आयुर्वेद की महत्वपूर्ण दुर्लभ जड़ी-बूटियों का भंडार को देखकर वर्तमान में यह किसी पर्यटक स्थल से कम नजर नहीं आता है। सौमेरीमाता मंदिर क्षेत्र को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने लिए राशि स्वीकृत करने के लिए लोगों ने विधायक रतन देवासी आभार जताया।

Friday, 22 April 2011

राजीवगांधी का सपना हुआ साकार - डॉ. सिंह


रानीवाड़ा।
पंचायत समिति मुख्यालय पर आज लोकार्पण होने जा रहे भारत निर्माण राजीव गांधी सेवाकेंद्र स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीवगांधी की देन है। आज उनका सपना साकार हो रहा है। यह रानीवाड़ा के लिए ऐतिहासिक घटना है। यह बात ऊर्जा मंंत्री डॉ. जितेंद्रसिंह ने सेवाकेंद्र के उदघाटन समारोह में कही। उन्होंनें कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत को जयपुर से जोडऩे के बीच यह केंद्र सेतु का काम करेगा। भवन में टच स्क्रीन लगाई जाएगी, जिस पर कलेक्टर व मुख्यमंत्री विडिय़ों कोन्फ्रेसिंग कर सकेंगे। इसी तरह की व्यवस्था प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होने जा रही है। अब भविष्य में प्रदेश का कोई भी नागरीक, जन्म, जाति, मूल-निवास सहित कई प्रकार के प्रमाण-पत्रों, खेत की जमाबंदी, पेंशन प्रकरण, विद्युत, जलदाय, टेलीफोन सहित अन्य विभागों के बिल भी जमा किए जा सकेेंगे। उन्होंनें बताया कि राज्य सरकार का कुल बजट २८ हजार करोड़ है। जिसमें से मुख्यमंत्री ने 13 हजार करोड़ रूपए विद्युत विभाग को आंवटित किया है। विभाग को पैसों की कोई कमी नही है। विद्युत संबंधित कोई भी विकास का कार्य आसानी से नियमानुसार करवाया जा सकता है। रानीवाड़ा क्षेत्र में भी विधायक रतन देवासी की अनुशंषा पर बारह 33केवी जीएसएस स्वीकृत किए है। अतिशीघ्र अन्य कार्य भी स्वीकृत करवाए जाएंगे। उन्होंनें बताया कि सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन ग्रामपंचायतों के बीच एक 33केवी का जीएसएस बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि हर गांव को अच्छी वॉल्टेज की बिजली मिल सके। राजस्थान सरकार अन्य राज्यों की तुलना में किसानों को आधी दर में विद्युत आपूर्ति कर रही है। पूरानी सरकार ने विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में शून्य उपलब्धी हासिल की थी, जबकि गहलोत सरकार विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी कई कारखाने स्थापित किए है। इस समय दिसम्बर 2008 तक जिन किसानों ने विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, उनका निस्तारण अतिशीघ्र कर दिया जाएगा। जिससे सरकार को 63 हजार नए कनेक्शन करने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री के प्रयासों से बीपीएल को मुफ्त ईलाज की व्यवस्था की गई है। अब कोई भी बीपीएल या एपीएल परिवार सरकार के निर्देशानुसार अपना ईलाज अच्छे से अच्छे सरकारी अस्पताल में करवा सकता है।
इस अवसर पर विधायक रतन देवासी ने कहा कि देश में तकनीकी क्रांति का सूत्रपात राजीव गांधी ने किया था। आज घर-घर में मोबाईल, इंटरनेट सहित कम्प्यूटर देखे जा रहे है। यह सब राजीव गांधी की ही देन है। उन्होंनें कहा कि सेवा केंद्र किसानों के लिए मददगार साबित होगा। इन केंद्रों पर किसान अपने फसल का वास्तविक मूल्य मालुम कर सकेेंगे तथा देश की किसी भी मंडी में अपनी फसल बेच सकेंगे। केंद्रों पर रेल व बस के टीकट भी बनाए जाएंगे। देवासी ने कहा कि रोहिट से रानीवाड़ा वाया भीनमाल तक ४० फीट चौड़ा डामर मार्ग बनाया जाएगा। जिसको राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है। उन्होंनें डॉ. जितेंद्रसिंह की तारीफ करते हुए कहा कि गुर्जर आंदोलन का शांतिपूर्वक ढंग से समाधान करने में आपकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने मंत्रीजी से बडग़ांव व जसवंतपुरा में एईएन व करड़ा में जेईएन कार्यालय स्वीकृत करवाने का निवेदन किया है।
इस अवसर जिला कलेक्टर केवलकुमार गुप्ता ने कहा कि जिले में ८ राजीवगांधी सेवाकेंद्र स्वीकृत है। जिनमें से चार को लोकार्पण हो चुका है। अन्य का कार्य प्रगति पर है। उन्होंनें उपखंड़ अधिकारी को निर्देशित कर कहा कि आज लोकार्पित हो रहे इस सेवाकेंद्र में आज से ही महानरेगा का कार्यालय शुरू किया जाए। केंद्र पर अतिशीघ्र सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। उन्होंनें ऊर्जा मंत्री से राजीव गांधी ग्रामीण विद्युत वितरण योजना के तहत 111 करोड़ की योजना को स्वीकृत करवाने का निवेदन किया, ताकि जिले की ५० हजार ढाणियों का विद्युतिकृत किया जा सके।
इससे पूर्व विकास अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने सेवाकेंद्र के बारे में बताते हुए कहा कि इस केंद्र के निर्माण पर २५ लाख रूपए महानरेगा योजना के तहत खर्च किए गए है। जिसके तहत सोलर सीस्टम भी सम्मिलित है। कार्यक्रम को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुखराम विश्रोई, प्रदेश सचिव पुखराज पारासर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला उपप्रमुख मूलाराम राणा, कार्यवाहक एसडीएम खेताराम सारण, भीनमाल नगरपालिका अध्यक्ष हीरालाल बोहरा, प्रधान देराम विश्रोई, प्रधान दीपाराम भील, दरगाराम देवासी, परसराम ढाका, सुरेश सियाक, गणपत करवाड़ा, फगलूराम खिंचड़, जीवाराम देवासी, भाणाराम बोहरा, ललिता बोहरा सहित कई जने उपस्थित थे।

Wednesday, 20 April 2011

प्रसिद्ध सेवाडिय़ा मेले का हुआ समापन


रानीवाड़ा।
प्रसिद्ध आपेश्वर पशु मेला सेवाडिय़ा का आज राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्रसिंह व स्थानिय विधायक रतन देवासी ने विधिवत ढंग से समापन किया। इस अवसर पर भव्य रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। विजेता पशुपालकों को स्मृति चिन्ह व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर केवल कुमार गुप्ता, पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल, प्रदेश कांग्रेस सचिव पुखराज पारासर, पूर्व प्रधान सुखराम विश्रोई सहित कई जने उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि कुछ वर्षों पूर्व गोवंश की हर घर में महत्वपूर्ण भूमिका हुआ करती थी, परंतु समय के साथ अब तकनीकी व मशीनी क्रांति आने के बाद गोवंश की महत्ता कम होने लगी है, फिर भी आने वाले समय में गोवंश को लेकर मेलों का भविष्य सुनहरा होगा। उन्होंनें कहा कि जिस घर में बैलों की जोड़ी हुआ करती थी, उस घर का समाज में मान, सम्मान व प्रतिष्ठा हुआ करती थी। पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए रानीवाड़ा डेयरी की अहम भूमिका हो सकती है। सभी पशुपालक सहकारिता आंदोलन में सहयोग कर इस डेयरी में सहभागिता कर सकते है। जिससे उनका आर्थिक स्तर भी सुधर सकता है। जिस घर में दो भैंस या गाय होती है तो डेयरी से जुडऩे पर उनके घर पर मासिक दस हजार की आय हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीकानेर में ऊंटनी के दूध पर कई चिकित्सक शौध कर रहे है। ऊंटनी का दूध स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। इस दूध के सेवन से शरीर में मधुमेह की बीमारी नही होती है। अत: पशुपालन को सभी पशुपालक ज्यादा से ज्यादा अपनाए, जिससे मेले का भविष्य भी सुधर सके।
सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने विशेष पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए दो सौ करोड़ का पैकेज निर्धारित किया है। जिले में विधायक रतन देवासी की अनुशंषा पर अतिशीघ्र आवासीय विद्यालय शुरू किया जाएगा। जिस पर दस करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे।
विधायक देवासी ने कहा कि प्रसिद्ध मेले को सफल बनाने के लिए उन्होनें व्यवस्थाओं में सुधार करने का प्रयास किया है। अगले वर्ष आयोजित होने वाले इसी मेले में ओर भी सुधार किए जाएंगे। व्यवस्था में सुधार को लेकर नागरिकों से सलाह ली जाएगी। इस वर्ष यह मेला सफल हुआ है, जिसके पिछे समिति के कर्मचारियों व अधिकारी का जनप्रतिनिधियों से टीम वर्क की भावना से काम करना है। मेले में ठेके पे देने से पंचायत समिति को दो वर्षों में 10 लाख की आय हुई है, जो कि एक उपलब्धि है। इस आय से मेला परिसर में जीएलआर एवं ट्यूबवेल तैयार किए जाएंगे। ताकि आने वाले मेलों में पंचायत समिति प्रशासन को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। सूरक्षा व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए मेला परिसर के चारों तरफ महानरेगा योजना के तहत चारदीवारी का निर्माण कर वृक्षारोपण किया जाएगा। ताकि भविष्य में पशुपालकों को वृक्षों की छाया मिल सके।
मेलाधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने प्रतिवेदन पढकर मेले की आय-व्यय व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, उन्होंनें कहा कि इस वर्ष बैलों की जोड़ी सर्वाधिक ६५ हजार में बिकी है, जो कि मेले के लिए एक उपलब्धी है। जिला कलेक्टर गुप्ता ने मेले की प्रगति को लेकर अपनी बात कही। पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल ने पशु पालन को बढ़ावा देने की बात कही। पूर्व प्रधान सुखराम विश्रोई ने मेले की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर विधायक देवासी की प्रसंशा की। प्रदेश सचिव पुखराज पाराशर ने ग्रामीण संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण में मेले की अहम भूमिका के बारे में कहा। इस अवसर पर सभी पंचायत समिति सदस्यों, जिला परिषद सदस्यों, सरपंचों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य डॉ. सिंह को विधायक ने पट्टु ओढाकार व तलवार भैंट कर सम्मान प्रदान किया गया। सभी अतिथियों को विशेष स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए। विजेता पशु पालकों को स्मृति चिन्ह के साथ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

Friday, 15 April 2011

विविधताओं से भरा पशु मेला सेवाडिया, दूसरे दिन बाजार हुआ गरम


रानीवाड़ा।
कस्बे के श्री आपेश्वर महादेव मंदिर सेवाडिया में शुरू हुए पशु मेले में शुक्रवार सायं तक ग्यारह हजार से अधिक पशु बिक्री के लिए पहुंचे है तथा उनके आने का सिलसिला जारी है। आज शुक्रवार को इस मेले का विधायक रतन देवासी ने जायजा लेकर पशुपालकों की समस्याएं सुनी एवं उनका समाधान कराने को लेकर मेला ठेकेदार के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पंचायत समिति द्वारा भराए जाने वाले इस पशु मेले का विधिवत शुभारंभ गुरूवार से हुआ। यह मेला २० तारीख तक चलेगा। मेले को इस बार पंचायत समिति ने ठेकेदार को 5.८५ लाख रुपए में ठेके पर दिया है। मेले में अब तक मिट्टी, लौहे व स्टील के बर्तन, कृषि यंत्रों, कपड़ों, गलीछों, खाने-पीने, खिलौना व घरेलू उपयोग में आने-वाले व पशु श्रंगार सामगी सहित कई प्रकार के सामान की दुकानें भी लगी है।
मेले में विविधता का रंग:- कार्तिक ग्यारस के अवसर पर सेवाडिया में लगने वाला यह मेला, देश में आयोजित होने वाले पशु मेलों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रदेश में विभिन्न अवसरों पर लगने वाले मेले, आध्यात्मिक संतुष्टि तो देते ही हैं, मनोरंजन के क्षण भी प्रस्तुत करते हैं, और इस पशु मेले में विविधता का रंग देखने को मिलता है। मेले में माल ढोने एवं खेती के लिए काम में आने वाले पशुओं, जैसे ऊंट, बैंल, दुधारू पशु तथा सवारी के काम आने वाले पशुओं का क्रय-विक्रय यहां का मुख्य आकर्षण है। ऊंटों को आकर्षक वेशभूषा में, बोली लगा कर बेचने का नजारा देखने को मिलता है। दुधारू पशुओं के गुणों एवं दूध देने की क्षमता का मूल्यांकन खरीदार ठोक बजा कर करते हैं। सेवाडिया के ओरण के पास रेतीले मैदान में हजारों पशुओं का अपने-अपने बाड़े में बंधे देखने का दृश्य तथा उन का शोर मेले के उत्साह को दुगना कर देता है। मेले में आये यात्रियों के ठहरने के लिए टैंट्स की अस्थायी नगरी बस जाती है।
मेला मनोरंजन से भरपूर:- मेले के दौरान हस्तशिल्प कला की वस्तुओं की दुकानों तथा खाने-पीने के स्टॉल्स पर महिलाओं एवं बच्चों की भीड़ का नजारा अद्भुत होता है। दूर-दराज क्षेत्रों से आई महिलाएं अपनी घर-गृहस्थी की उपयोग की वस्तुएं खरीदने का यह अवसर चूकती नहीं। मनोरंजन के भिन्न-भिन्न खेल-तमाशे भी खास आकर्षण होते हैं, जो दिन भर चलते हैं। विभागीय तौर पर भले ही इस मेले को पशु मेला कहा जाता है लेकिन वस्तुत: यह इस अंचल का एक प्रमुख धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक मेला है, जिसमें राजस्थान सहित अन्य कई प्रांतों के पशुओं के व्यापारी एवं दुकानदार यहां आते है। तीन वर्ष से कम उम्र के बछडों को राज्य से बाहर ले जाने की स्वीकृति नहीं दी जाती है। मेले में प्रकाश, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता एवं सुरक्षा की माकूल व्यवस्थाऐं की जाती है। पशुओं तथा ग्रामीणजनों की विविध प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया जाता है।  
बिक्री जोरों पर, सजे बाजार:- इस मेले में सभी प्रकार की दुकाने लगती हैं, जिनके अलग-अलग मार्केट होते है। दुकानदार बताते हैं कि उनकी दुकानों पर न केवल निर्धन और मध्यम स्तर के लोग आते है बल्कि धनाढय वर्ग, बडे-बडे अधिकारी और उनके परिवारजन भी सिले सिलाये वस्त्र, कई प्रकार के परिधान खरीद कर ले जाते हैं। घर परिवार में काम आने वाले आइटमों में ऊनी रजाईयां, परदे, तकिये, बेडशीट, कम्बल आदि की भी इस मेले में खूब बिक्री होती है।
बहुरंगी सांस्कृतिक कार्यक्रम:- इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को पंचायत समिति के सौजन्य से बहुरंगी सांस्कृतिक कार्यक्रम व साफा प्रतियोगिता का आयोजित होंगे। राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान के विविध अंचलों से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दगे। शाम अनूठी सांस्कृतिक संध्या के रूप में सजेगी। इसमें राजस्थान व गुजरात के ख्यातनाम लोक कलाकार अपनी 'दी बेस्ट' प्रस्तुतियां देंगे। 'बेस्ट ऑफ सुणतर' के नाम से आयोजित यह बहुरंगी सांस्कृतिक संध्या सेवाडिया मेले के लिए यादगार शाम होगी।

Thursday, 14 April 2011

बैलों की पूजा के साथ सेवाडिय़ा मेला हुआ शुरू


रानीवाड़ा।
ग्रामीण क्षेत्र में मेलों की प्राचीन परंपरा रही है। आमजन से गहरा रिश्ता है। मेलों से पशुपालकों व किसानों को आर्थिक संबल मिलता है। यह बात आज गुरूवार को श्री आपेश्वर महादेव पशु मेला सेवाडिय़ा के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिला प्रमुख श्रीमति जसवंत कंवर ने कही। उन्होंनें कहा कि मेलों के आयोजन से विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति का मिलन होता है। मेले पशुपालकों व किसानों के बीच सेतु का काम करते है। सेवाडिय़ा पशुमेला जिले का प्राचीन पशु मेला है, जिसकी पहचान राजस्थान सहित कई प्रदेशों में है। जिला एवं स्थानीय प्रशासन का यह प्रयास रहता है कि इस मेले में पशुपालकों को अधिक से अधिक सुविधाए एवं अच्छी व्यवस्थाए प्रदान की जाए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर केवल कुमार गुप्ता ने कहा कि सेवाडिय़ा पशुमेले के शुभारंभ के अवसर पर 11 हजार पशुओं का आना मेले एवं पशुपालको के लिए शुभ संकेत है। यह मेला उत्तरोत्तर प्रगति पर है। क्षेत्र वासियों के लिए हर्ष अवसर है कि इस प्राचीन परंपरा को अभी तक मनाया जा रहा है। प्रशासन का व्यवस्था के साथ दायित्व भी बढ़ता जा रहा है। मेले की सफलता के पिछे सभी विभागों के समन्वय के साथ कार्य करना है। उन्होंनें कहा कि आने वाले समय में इस मेले में निरंतर पशुओं की तादाद बढ सके, इसके लिए पंचायत समिति प्रशासन को विशेष प्रयास करने चाहिए। जिला प्रशासन व्यवस्था में सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। प्रशासन का यह प्रयास रहेगा कि विभिन्न प्रदेशों से आने वाले पशुपालकों एवं व्यापारियों को कोई परेशानी न झेलनी पड़े। इसके लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंनें मेले की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय विधायक रतन देवासी के प्रयासों की सराहना की। अतिशीघ्र मेला क्षेत्र में चार दीवारी अथवा फैन्सींग का कार्य महानरेगा योजना के तहत करवाया जाएगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आपेश्वर महादेव मंदिर के सामने इन्टरलोकिंग योजना के तहत ग्रेवल सहित डामर सड़के भी स्वीकृत करवाई जाएगी।
इस अवसर पर स्थानीय रतन देवासी ने गत वर्ष से मेले की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। जिसके तहत प्रचार-प्रसार को लेकर नई तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस क्रम में होर्डींग्स, बैनर्स, स्मृति चिन्ह सहित अन्य प्रचार सामग्रीया तैयार करवाने का पेटर्न शुरू किया गया है। उन्होनें बताया कि मेले की व्यवस्थाओं को गत वर्ष एवं इस वर्ष ठेके में दिया गया है, जो कि पंचायत समिति के लिए नफे का सौदा साबित हुआ है। मेले की व्यवस्थाओं को स्थायीकरण करने को लेकर मेला परिसर में नलकूप व टीनशेड़ तैयार करवाए जाएंगें। साथ ही पेयजल व्यवस्था को पुख्ता करने को लेकर जीएलआर का निर्माण भी करवाया जाएगा। आपेश्वर महादेव मंदिर के सामने चौराहा निर्माण कर उस पर हाईमास्क लाईट लगाने का कार्य भी करवाया जाएगा।
शुभारंभ समारोह के विशिष्ट अतिथि भीनमाल पूर्व विधायक डॉ. समरजीतसिंह ने कहा कि पशु मेलों की महत्ता पशु पालक अच्छी तरह से जानते है, पशुमेले हमारे ग्रामीण संस्कृति को पोषित करते है। मेले की व्यवस्थाओं का स्थायीकरण करने से मेले का भविष्य सुनहरा होने की प्रबल संभावना है। उन्होंनें कहा कि राज्य सरकार विकास को लेकर संवेदनशील है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष का जालोर द्वारा करोड़ों का पैकेज लेकर आएगा, जिससे नर्मदा का नीर पीने के लिए रानीवाड़ा व भीनमाल को भी अतिशीघ्र नसीब हो पाएगा। साथ ही राज्य सरकार के प्रयासों से रोहिट से रानीवाड़ा तक की डामर सड़क को मीड-वे के रूप में विकसित किया जाएगा।
मेलाधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि गोवंश सरंक्षण एवं पशु कु्ररता अधिनियम को पालना को सख्ती से अमलीजामा पहनाया जाएगा, इस कार्य के लिए गुप्तचर की टीम का गठन किया गया है, जो कि मेला परीसर में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर नजर रखेगी। उन्होंनें मेला प्रतिवेदन का गठन कर मेले के ईतिहास के बारे में बताया। कार्यवाहक एसडीएम खेताराम सारण ने भी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधान राधादेवी देवासी, उपप्रधान रावताराम मेघवाल, जिला उपप्रमुख मूलाराम राणा, पूर्व प्रधान देराम विश्रोई, सांचोर उपप्रधान दरगाराम देवासी, समाजसेवी हरजीराम, सरपंच गोदाराम देवासी, परसराम ढाका, भीनमाल नगरपालिका अध्यक्ष हीरालाल बोहरा, जिला परिषद सदस्या ललिता बोहरा, सेवाडिय़ा महंत रतनभारती सहित कई जने उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ताराचंद भारद्वाज के द्वारा किया गया।

Monday, 28 March 2011

रामसीन-रानीवाड़ा मार्ग का होगा कायाकल्प

रानीवाड़ा! बढ़ते यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए अब शीघ्र ही रामसीन से रानीवाड़ा वाया भीनमाल तक सड़क नवीनीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार होगा। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री प्रमोद जैन ने विभागीय सचिव और अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हंै। गौरतलब है कि रिमोट (रिपेयर इम्प्रूवमेंट मेंटेन ऑपरेट एंड ट्रांसफर) योजना के तहत रोहिट से सिरोही जिला बोर्ड वाया जालोर, रामसीन, जसवंतपुरा सड़क नवीनीकरण के लिए ११५ करोड़ का एस्टीमेट तैयार हो चुका।
जिला प्रमुख जसवंत कंवर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीतसिंह, रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी व प्रदेश सचिव पुखराज पाराशर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व सानिवि मंत्री प्रमोद जैन से मलाकात कर रोहिट से सांचौर वाया भीनमाल फोर लेन की मांग की गई थी। इसी के तहत रोहिट से सिरोही जिला बोर्ड वाया जसवंतपुरा एस्टीमेट तैयार किया गया था, लेकिन रामसीन से रानीवाड़ा वाया भीनमाल ६३ किलोमीटर मार्ग इससे वंचित रखा था। जिसके लिए पुन: मांग करने पर मंत्री जैन ने विभागीय सचिव एवं अधीक्षण अभियंता जालोर को इस मार्ग के लिए शीघ्र ही अनुमानित तकमीना तैयार कर राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए। सहायक अभियंता रानीवाड़ा अमृतलाल वर्मा ने बताया कि अनुमानित तकमीना तैयार करने का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। शीघ्र ही पूरा कर उच्च अधिकारियों को भिजवाया जाएगा। इसी प्रकार रानीवाड़ा विधायक रतनदेवासी और कांग्रेस जिला अध्यक्षक समरजीतसिंह ने कहा कि रोहिट से आहोर, जालोर, बागरा, रामसीन, सिरोही जिला बोर्ड, भीनमाल व रानीवाड़ा तक सड़क नवीनीकरण से यातायात को नई व्यवस्था मिलेगी। इससे विकास के भी नवीन मार्ग खुलेंगे।

Saturday, 26 March 2011

मानव मुंड की घटना का पटाक्षेप, हत्या का मामला निकला, आरोपी गिरफ्तार


रानीवाड़ा। 
पिछले दिनों सिंगावास के पास वडलू नदी में मिले अज्ञात मानव मुंड का मामला धानेरा पुलिस ने खोल दिया है। अवैध संबंधों को लेकर हुई हत्या के इस सनसनीखेज मामले में धानेरा पुलिस ने पांच जनों को गिरफ्तार किया है। जिसमें से तीन जने रानीवाड़ा तहसील के जाखड़ी गांव के रहवासी है। अन्य तीन आरोपी फरार बताए जा रहे है। अवैध संबंधों के चलते पत्नि ने अपने आशिक की मदद से पति की हत्या करवाने की इस घटना की सर्वत्र निंदा हो रही है।

थानाधिकारी जयदीपसिंह छावड़ा ने बताया कि धानेरा तहसील के मेवाड़ा गांव के धनाजी मफाजी कोली की पत्नि के साथ भतीज प्रहलाद कोली के अवैध संबंध थे। इस बारे में मृतक के परिवारजनों ने कई बार उसे समझाईस की परंतु नही मानने पर लगभग ४५ दिनों पूर्व भतीज प्रहलाद कोली ने अपने मित्रों के साथ धारदार हथियार से हत्या कर दी। बाद में इस घटना में साथी रहे रानीवाड़ा के जाखड़ी निवासी नारखान पुत्र रेवाजी कोली एवं जोधाजी पुत्र प्रतापजी कोली के कहने पर सिंगावास के पास वडलू नदी में गाड़ दिया। बाद में जंगली जानवरों ने उस शव को कुछ दिनों पूर्व रेती में बाहर निकाला। ग्रामीणों के कहने पर ९ मार्च को रानीवाड़ा पुलिस मौके पर पहूंची, परंतु मुंड़ को देखने पर वो जानवर का है या इंसान का। यह पता नही पडऩे पर मामला आया गया हो गया। परंतु गत २० मार्च को धानेरा पुलिस ने मृतक के परिजनों के साथ उक्त घटना स्थल का निरीक्षण किया। मुंड के पास पड़े रक्त रंजिश कपड़ों को पहचान लिया गया। बाद में धानेरा पुलिस थाने में मृतक के परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज कराया।
धानेरा पुलिस ने शुक्रवार रात्रि को उक्त घटना में लिप्त पांच आरोपियों को राजोडा गांव के पास एक मार्शल जीप क्रमांक जीजे-७ ऐच ९२८१ में से मुख्यआरोपी प्रहलाद पुत्र अमीचन्द कोली निवासी मेवाड़ा (मृतक का भतीज), नारखन पुत्र रेवाराम कोली निवासी जाखड़ी, जोधाराम पुत्र प्रताप कोली जाखड़ी, गंगाराम पुत्र प्रताप कोली जाखड़ी एवं नारखन पुत्र रायचन्द कोली निवासी विठोदर को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारियां एवं लाठियां बरामद कर ली गई है। जीप को भी जब्त कर लिया गया है। मृतक के धारिएं से कई टूकडें करना आरोपियों ने मंजूर किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया। इन्हे १० दिन के पुलिस रिमांड़ पर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रहलाद कोली के मृतक धनाजी कोली की पत्नि शंकाबेन से अवैध संबंध थे। लगभग ४५ दिन पूर्व मृतक का इन आठ आरोपियों ने अपहरण कर धारिएं से टुकडें कर सिंगावास के पास वडलूं सीमा में नदी में दफना दिया था।


Wednesday, 16 March 2011

दुर्घटना में कलेक्टर घायल, गनमैन की हालत गंभीर, ईलाज के लिए मेहसाना भेजा


 रानीवाड़ा।
सांचोर सड़क मार्ग पर कूड़ा ग्राम के पास जिला कलेक्टर के वाहन की एक टे्रक्टर से हुई टक्कर से जिला कलेक्टर, गनमैन व ड्राईवर के चौटे आई है। गनमैन राजेंद्रकुमार की हालत गंभीर होने से उसे ईलाज के लिए गुजरात के मेहसाना रेफर किया है, जबकि चिकित्सकों ने जिला कलेक्टर केवलकुमार गुप्ता के एक दाए पैर में फ्रेक्चर होना बताया है। चालक शमसेर के भी मामूली अंदरूनी चोटे पहुंची है। घायलों के रानीवाड़ा सीएचसी में ईलाज चल रहा है। मौके पर भीनमाल व रानीवाड़ा एसडीएम सहित पूरा सरकारी लवाजमा मौजूद है।
जानकारी के मुताबिक, शाम पांच बजे जिला कलेक्टर केवलकुमार गुप्ता, गनमैन राजेंद्रकुमार व चालक शमसेर अली सांचोर में बैठक में भाग लेकर जालोर की लौट रहे थे। कूड़ा ग्राम के पास जलदाय विभाग के कार्यालय के सामने एक टे्रक्टर जिसे उसका चालक लापरवाही व तेजगति से चला रहा है। उस ट्रैक्टर ने जिला कलेक्टर के वाहन को जोरदार टक्कर मारी। जिससे सरकारी वाहन आरजे १६ सीए 11७६ स्वीफ्ट के परखच्चे उड गए। इस अचानक हुई घटना से कूड़ा बस स्टेण्ड़ पर खड़े सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे तथा एक निजी वाहन में तीनों घायलों को सीएचसी में ईलाज के लिए लाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार खेताराम सारण, भीनमाल एसडीएम शेलेंद्रकुमार देवड़ा व सब रजिस्ट्रार जितेंद्र ओझा व थानाधिकारी रामचंद्र मीणा भी सीएचसी में पहुंचे। चिकित्सक रघुनाथ विश्रोई ने घायलों को प्राथमिक उपचार किया। गनमैन की हालत गंभीर होने पर एम्बूलेंस में गुजरात के मेहसाना ईलाज के लिए रेफर किया गया। कलेक्टर गुप्ता के दाए पैर के एक्सरे करने पर उसमें फ्रैक्चर पाया गया। उनके मुंह पर चौटे पहुंची है। चिकित्सकों ने कलेक्टर गुप्ता एवं चालक शमशेर अली की हालत खतरे से बाहर बताई है। समाचार लिखने तक कलेक्टर व चालक सीएचसी में भर्ती है।
कूड़ा के ग्रामवासियों ने बताया कि ट्रैक्टर पर चालक के साथ एक बालक व एक महिला भी थी। जिनकों इस दुघर्टना में चौटे पहुंची है। बालक को सांचोर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इस घटना की जानकारी कस्बा सहित आस पास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई है। लोग सीएचसी की ओर उमड़ पड़े। लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी जोर आजमाईस करनी पड़ी। लोग गनमैन राजेंद्रकुमार की हिम्मत को दाद देते नजर आए, क्योंकि ऐसी गंभीर हालत में भी गनमैन पूर्णतया होशोहवास में बातचित करते नजर आए। उसके सिर पर गंभीर चौट लगने के कारण काफी खून बह रहा था, जिन्हें चिकित्सकों ने टांके लेकर प्राथमिक उपचार कर कंट्रोल किया।

Monday, 28 February 2011

रेल मंडल के डीसीएम ने रेलवे स्टेशन का लिया जायजा


रानीवाड़ा।
रानीवाड़ा कस्बे के रेलवे प्लेटफार्म पर मूलभूत व्यवस्थाओं एवं सौंदर्यकरण को लेकर जोधपुर रेल मंडल के डीसीएम जी.एम. शर्मा ने रेलवे स्टेशन का जायजा लिया। इस दौरान विधायक रतन देवासी ने भी यात्रियों की ओर से समस्याओं को लेकर ध्यान आकर्षित करवाया। शर्मा ने आज रेलवे डाक बंगले में कस्बा वासियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। विधायक देवासी ने उनसे कहा कि रेलवे स्टेशन का मुख्य गैट संकड़ा होने के कारण यात्रियों का अपने वाहन पार्किंग एवं आने-जाने में समस्याएं झेलनी पड़ती है। रेलवे स्टेशन का मुख्य गैट पुलिस थाने के पास स्थित डाक बंगले के सामने किया जाए, जिससे यातायात के बाधित होने की समस्या समाप्त हो सकेगी एवं स्टेशन का सौंदर्यकरण भी हो सकेगा। इस कार्य के लिए यदि रेल निगम के पास बजट की कमी है, तो कई दान-दाता सुंदरगेट बनाने के लिए तैयार है। देवासी ने वाहन पार्किंग स्थल का समतलीकरण कर दीवार की ऊंचाई करके उस पर रैलिंग लगाने की मांग भी रखी, ताकि सड़क पर गुजरते समय यात्रियों को पार्किंग में खड़े वाहन सरलता से दिख सके।
सरपंच गोदाराम देवासी ने रेलवे प्लेटफार्म के उस पार सांचोर रेलवे क्रोसिंग से भीनमाल रेलवे क्रोसिंग के बीच सड़क निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने की मांग रखी। उन्होंनें बताया कि यह बाईपास बनने से प्लेटफार्म के उस पार आवासीय कॉलोनी के लोगों को आवागमन एवं क्रोसिंग बंद होने की स्थिति में वाहन चालकों को इस पार से उस पार जाने में सुगमता महसूस हो सकेगी। समाजसेवी हरजीराम देवासी ने भीनमाल रेलवे क्रोसिंग के पास स्थित बरसाती नाले पर बने हुए पुल के नीचे से वाहन गुजरने के लिए निगम से अनापति प्रमाण पत्र प्रदान करने का निवेदन किया, ताकि क्रोसिंग बंद होने के समय आपात कालिन स्थिति में वाहनों को उक्त नाले से गुजारा जा सके।
एसडीएम कैलाशचंद्र शर्मा ने बताया कि रानीवाड़ा कस्बे के अंदर से सांचोर आबुरोड़ राज्य मार्ग गुजर रहा है। यातायात के भारी दबाव के चलते कई बार जाम लगने की स्थिति बन जाती है। इस समस्या के समाधान को लेकर प्रशासन ने विधायक की पहल पर जारड़ा से सेवाडिय़ा के बीच गुजरने वाली ग्रेवल सड़क का डामरीकरण करने का प्रस्ताव सरकार को भिजवाया है। जिसको आदर्श बाईपास बनवाया जाएगा, परंतु इस सड़क मार्ग पर मानव रहित रेलवे फाटक होने की वजह से जन हानि की संभावना रहेगी। अत: इस मार्ग पर स्वचालित फाटक  की स्वीकृति मिलती है, तो कस्बे की यातायात समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।
वरिष्ठ नागरिक जुगराज जीनगर ने सवारी गाड़ी के वर्तमान समय को बदलने एवं फेरे बढ़ाने की बात कही। ग्रामसेवक भाणाराम बोहरा ने पुलिस थाने के सामने रेलवे भूमि में सुलभ शौचालय का निर्माण करने की बात बताई, ताकि रेलवे यात्रियों को शौचालय की समस्या से निजात मिल सके।
डीसीएम शर्मा ने विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उक्त समस्त स्थलों का मौका मुआयना कर यथासंभव स्वीकृतिया जारी करने का आश्वासन दिया। उनके साथ सीएमआई दिलीप चौधरी, ए.एस.एम. सुबोधकुमार, तहसीलदार खेताराम सारण, सहायक अभियंता अमृतलाल वर्मा, वीराराम वाघेला सहित कई जने मौजूद थे।

Friday, 25 February 2011

कार्यकर्ताओं को दिया एकजुटता का मंत्र

रामसीन 
भारतीय जनता पार्टी के जिला सम्मेलन का आयोजन, बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता, सभी ने लिया एकता का संकल्प, महंगाई और भ्रष्टाचार के लिए लिया कांग्रेस को आड़े हाथ 
भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष नारायणसिंह देवल के नेतृत्व में पहली बार आयोजित पार्टी के जिला सम्मेलन में बुधवार को हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस सम्मेलन में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी को भी आना था, लेकिन वे नहीं पहुंच सके। इस मौके देवल का अभिनंदन किया गया और पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने की बात कही। कस्बे के विश्वकर्मा मंदिर के समीप बगीची में आयोजित इस सम्मेलन में सबसे पहले पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देवल का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। सांसद देवजी पटेल, भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी, सांचौर जीवाराम चौधरी, पूर्व विधायक जोगेश्वर गर्ग, शंकरसिंह राजपुरोहित, महिला मोर्चा अध्यक्ष गिरधर कंवर, विभिन्न मोर्चों एवं मंडलों के पदाधिकारी, जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, सरपंचों एवं कई वरिष्ठ एवं युवा कार्यकर्ताओं ने साफा व माला पहनाकर स्वागत किया।
इसके बाद देवल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत प्रत्येक कार्यकर्ता के सक्रिय होने की है। आपस के मतभेद भुलाकर पार्टी को मजबूत बनाना होगा तभी जाकर कांग्रसे के कुशासन का जवाब दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभाते हुए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी हित और जनहित में काम किया जाएगा। उन्होंने वर्तमान केंद्र एवं राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार घोटालों की सरकार बन गई है। नित नए घोटाले सामने आ रहे है, जिसमें 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला, आदर्श सोसायटी घोटाला, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले प्रमुख है, जिसके कारण भारत की जनता को लगभग साढ़े चार लाख करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है। वहीं वर्तमान राज्य सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने वाले हंै, परंतु विकास का एक कार्य भी नहीं हुआ है। प्रदेश में शिक्षा, सड़क, चिकित्सा एवं कृषि की हालत बहुत बिगड़ चुकी है। इसलिए प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार के शासन से त्रस्त हो चुकी है।


समझाया भाजपा का अर्थ : देवल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के तीन अक्षरों का मतलब समझाया। उन्होंनेे कहा कि भा-यानी भारत माता के लिए समर्पित रहूंगा, ज- यानी जनता के हितों को समर्पित रहूंगा एवं पा -यानी पार्टी हित में कार्य करुंगा।

Tuesday, 22 February 2011

देवासी ने विकास कार्यो का लिया जायजा


रानीवाड़ा।
उपखंड़ कार्यालय में आज सोमवार को विधायक रतन देवासी एवं एसडीएम कैलाशचंद्र शर्मा ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की फोलोअप बैठक का आयोजन कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा की। इस अवसर पर देवासी ने कहा कि अगले माह से किसानों की विद्युत संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर डिस्कॉम कार्यालय में शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में प्रस्तावित नए ३३ केवी विद्युत उप केंद्रों के बारे में अधिकारियों से जानकारी भी ली। कस्बे में सांचोर बाई पास सहित डेयरी के आस पास रहने वाले लोगों की पेयजल समस्या के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों को उच्च जलाशय यानि ओवर हैड़ टैंक का तकमिना बनानें के निर्देश दिए। उन्होंने जलदाय विभाग के द्वारा आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेकर कहा कि क्षेत्र में इस बार कहीं पर भी पेयजल की समस्या नही होगी। सरकार के पास इस काम के लिए धन की कोई कमी नही है। उन्होंने रानीवाड़ा कस्बे में इन दिनों भारी तादात में हो रहे अनियमित कृषि भूमि रूपांतरण पर चिंता जताते हुए कहा कि कृषि भूमि का सरकारी नियमानुसार रूपांतरण कर आवासीय कॉलोनियां बनाई जाए, ताकि भविष्य में रानीवाड़ा कस्बे का सुनियोजित ढ़ंग से विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि आवासीय रूपांतरण से पूर्व संबंधित ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं कॉलोनी के नक्शें को ग्राम पंचायत से प्रमाणित करवाना आवश्यक किया जाए, ताकि उक्त कॉलोनी में सरकार एवं ग्राम पंचायत विकास के कार्य करवा सके। इस बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों के अलावा समाजसेवी हरजीराम देवासी, रानीवाड़ा सरपंच गोदाराम देवासी ने भी भाग लिया।

कांग्रेस है घोटालों की पर्याय- देवल


रानीवाड़ा।
नव मनोनित भाजपा जिलाध्यक्ष नारायणसिंह देवल ने कस्बे के भाजपा कार्यालय में प्रैस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर जमकर खिलाफत की। इस मौके देवल ने बढ़ती हुई महंगाई पर चिंता जताते हुए केन्द्र की यूपीए सरकार से मांग की कि बढ़ती हुई महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं। सरकार ने हाल ही में बढ़ाई गई पेट्रोल मूल्य वृद्धि एक माह में दो बार बढ़ाकर आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार ने समय रहते हुए महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया तो आम जनता का जीना दुभर हो जाएगा।
देवल ने बताया कि वर्तमान में देश जिस दौर से गुजर रहा है वह समय किसी भी देश के लिए ठीक नहीं कहा जा सकता है। एक ओर आम जनता महंगाई, भ्रष्टाचार, कुपोषण, नक्सलवाद साथ ही पानी, बिजली, चिकित्सा, सड़क जैसी आधारभूत समस्याओं से जूझ रहा है, वहीं कांग्रेस का हाथ आम जनता के साथ वाली केन्द्र सरकार का आमजनों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार के मामलों से घिरी हुई हैं। आए दिन एक के बाद एक उजागर होते घोटालों ने देश की साख पर बट्टा लगा दिया है। देश में हर किसी के जुबान में घोटाला का ही जिक्र है। चाहे वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला हो, आदर्श सोसायटी घोटाला हो, राष्ट्रमंडल खेल घोटाला हो, आईपीएल घोटाला हो या और कोई घोटाला। जनता घोटालों और समस्याओं से त्रस्त है। मगर इससे सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पर रहा है। कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेता भ्रष्टाचार के नदी में डूबे हुये है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जितने घोटाले हुये है वो आजादी के बाद आज तक किसी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुए है। केवल वर्ष 2010 में इतने बड़े-बड़े घोटाले सामने आये है जिसे भूलना आसान नहीं होगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार जैसे ही सत्ता में काबिज हुई है वैसे ही आम आदमी के उपयोग में आने वाली खाद्य एवं पदार्थ एवं पेट्रो पदार्थों में लगातार मूल्यवृद्धि की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री द्वारा हाल ही में पुन: पेट्रोल में 3 रुपए मूल्यवृद्धि करने पर भी देवल ने कड़ा विरोध करते हुए उन्हें जनहित में मूल्य वापस लेने की बात कही।
मण्डल अध्यक्ष भीखाराम चौधरी ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। सरकार बार-बार कीमत बढ़ाकर जनता के साथ धोखा कर रही है। इस अवसर पर भाजपा नेता अमीचंद जैन, अमरसिंह माली, अशोक बोहरा, उकसिंह परमार, बलवंतसिंह डाभी समेत अनेक भाजपा नेता-कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Sunday, 6 February 2011

देवल को हुआ स्वागत


रानीवाड़ा।
कस्बे में शनिवार देर शाम को पूर्व जिला प्रमुख तथा नेताप्रतिपक्ष नारायणसिंह देवल के भाजपा जिलाध्यक्ष बनने पर स्थानीय ग्रामवासियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा उनका ढोल बजाकर एवं पटाखे छोड़कर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर देवल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा सौंपे गए पद पर कार्य करते हुए पाटी के सिद्धांतों पर मैं खरा उतरने का प्रयत्न करूंगा। जिले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उनके निराकरण के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहुंगा। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष भीखाराम चौधरी, जिला प्रवक्ता मुकेश खंड़ेलवाल, खेमराज देसाई, हनवंत बी शर्मा, किरण माली, अमरसिंह भाटी, चेतनदास वैष्णव, प्रागाराम पुरोहित, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, हेमाराम विश्रोई, जीवाराम भील, नागजीराम मेघवाल, विरधीसिंह पाथेड़ी, रतनसिंह राव कोडिटा, अशोक बोहरा, चतराराम जीनगर, पवन माहेश्वरी, भारताराम देवासी सहित कई लोगों ने भाग लिया।